उज्जैन के सिंहस्थ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान: सीएम मोहन यादव

ujjain ke simhastha
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उज्जैन, 27 जून (आईएएनएस)। ujjain ke simhastha :  मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होने जा रहा है, इसकी तैयारियां जोरों पर है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है और इसके मद्देनजर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है।

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उज्जैन में ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प’

ujjain ke simhastha : उज्जैन में ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प’ विषय पर हुई एक वृहद प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान करीब 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का उज्जैन आने का अनुमान है। शिप्रा के नवीन घाटों और मौजूदा घाटों पर 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ श्रद्धालु अमृत स्नान कर सकेंगे।

श्रद्धालु मां शिप्रा के जल से ही स्नान कर सकें

ujjain ke simhastha : सभी श्रद्धालु मां शिप्रा के जल से ही स्नान कर सकें, इसके लिए हमारी सरकार हर तरह के प्रबंध कर रही है। उन्होंने कहा कि हर 12 साल में होने वाला सिंहस्थ भारत का ही नहीं, विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह हमारी अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति, दर्शन, पीढ़ियों से चली आ रही विरासत, अटूट आस्था और हमारी आध्यात्मिक परम्पराओं का महासंगम है।

सिंहस्थ 2028 को नव्य प्रारूप भव्य, दिव्य तैयारियां तेजी से जारी

ujjain ke simhastha : इस धार्मिक उत्सव में मां शिप्रा के जल में स्नान करने से पापों का शमन होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिंहस्थ 2028 को नव्य प्रारूप में भव्य, दिव्य और आध्यात्मिक बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारे सभी तरह के प्रबंधन एवं तैयारियां तेजी से जारी हैं।

सिंहस्थ 2028 एक नई मिसाल कायम करेगा

ujjain ke simhastha : हम सब मिलकर पूरी निष्ठा, लगन और समर्पण से काम करेंगे, तभी सिंहस्थ 2028 एक नई मिसाल कायम करेगा। उन्होंने कार्यशाला में सिंहस्थ 2028 के महाआयोजन से जुड़े सभी प्रशासनिक, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर निगम और अन्य निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों एवं अन्य जनों से कहा कि सिंहस्थ केवल एक मेला नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र बिन्दु है।

टीम वर्क ही सफलता की कुंजी

ujjain ke simhastha : यह हमारी परम्पराओं, विरासत का भव्य प्रतीक है। इसकी गरिमा बनाए रखने हम सभी की जिम्मेदारी है, इसीलिए अधिकारी-कर्मचारी-स्वयंसेवी संगठन-जनप्रतिनिधि सभी लोग एक टीम की तरह सेवा भावना से कार्य करें, क्योंकि टीम वर्क ही सफलता की कुंजी है।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ सिंहस्थ, स्वस्थ सिंहस्थ ही हमारा संकल्प है। सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान

ujjain ke simhastha : भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और त्वरित राहत व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। सीएम मोहन यादव ने बताया कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन और इसके आस-पास के सभी जिलों में वर्तमान में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विभिन्न श्रेणी के कई विकास कार्य चल रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर उज्जयिनी सम्राट विक्रमादित्य के काल का वैभव पुन: प्राप्त कर धार्मिक, आध्यात्मिक और आर्थिक समृद्धि का एक नया अध्याय लिखेगी। –आईएएनएस एसएनपी/डीकेपी


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)