भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों का आरोप, मिनी यूनिट्स की प्रमुख सेवाओं में कटौती कर रहा बीएमएचआरसी

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भोपाल, 6 अगस्त (आईएएनएस)। bhopal gas trasdi : 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के साथ काम करने वाले चार संगठनों ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भोपाल मेमोरियल अस्पताल और अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) ने अपनी सभी आठ मिनी इकाइयों में पैथोलॉजी सेवाएं बंद कर दी हैं। अब एक्स-रे सुविधाओं को भी बंद करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रभावित होगी।

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संगठनों का आरोप: स्टाफ और मिनी यूनिटें हुईं प्रभावित

bhopal gas trasdi :  संगठनों ने आरोप लगाया कि मिनी यूनिटों में पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को बंद कर दिया गया है और उपकरणों और कर्मचारियों को मुख्य बीएमएचआरसी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस कदम से निदान संबंधी रिपोर्टों में देरी हो रही है, जबकि उन दिनों मरीजों को वापस भेज दिया जाता है, जब मिनी यूनिट में तैनात एकमात्र नर्स रक्त के नमूने एकत्र करने के लिए उपलब्ध नहीं होती है।

संगठन ने आरोप लगाया कि एक्स-रे फिल्म्स को स्वीकार करना बंद कर दिया

bhopal gas trasdi :  संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि मिनी यूनिट 1, 3, 5 और 8 ने एक्स-रे फिल्म्स को स्वीकार करना बंद कर दिया है, जिससे मरीजों को जांच के लिए मुख्य बीएमएचआरसी अस्पताल जाना पड़ रहा है। संगठनों के अनुसार, सेवाओं को बंद करने के लिए कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।

गैस त्रासदी से पीड़ितों के लिए मिनी यूनिट स्थापित की गई थीं

bhopal gas trasdi :  भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन (बीजीआईए) की रचना ढिंगरा ने कहा, गैस त्रासदी से पीड़ितों के इलाकों के करीब स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ये मिनी यूनिट स्थापित की गई थीं। प्रबंधन इन्हें मजबूत करने के बजाय व्यवस्थित रूप से आवश्यक सेवाओं को खत्म कर रहा है।

एक्स-रे सेवाओं को तत्काल बहाल करने की मांग

bhopal gas trasdi :  इन संगठनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), बीएमएचआरसी की निदेशक मनीषा श्रीवास्तव और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त निगरानी समिति को पत्र लिखकर पैथोलॉजी और एक्स-रे सेवाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की है।

आईसीएमआर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग

bhopal gas trasdi :  इन संगठनों ने 5 अगस्त को आईसीएमआर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और आरोप लगाया कि बीएमएचआरसी ने एकतरफा रूप से सभी आठ मिनी यूनिटों में पैथोलॉजी सेवाओं को बंद कर दिया है और एक्स-रे सेवाओं को बंद करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रभावित हो रही है।

पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं में 48 घंटे तक का समय ले रहे हैं

bhopal gas trasdi :  आईएएनएस के पास मौजूद पत्र के अनुसार, उपवास और भोजन के बाद रक्त शर्करा जैसे परीक्षण, जिनकी रिपोर्ट पहले एक ही दिन में दी जाती थी, अब पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं को मुख्य अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने के बाद 48 घंटे तक का समय ले रहे हैं।

रिकॉर्ड के अभाव पर सवाल उठाया गया

bhopal gas trasdi :  इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि मिनी यूनिट में नर्स उपलब्ध न होने पर मरीजों को वापस भेज दिया जाता है और एक्स-रे के लिए मुख्य अस्पताल में मौखिक रूप से भेजे गए मरीजों के लिए लिखित आदेशों और रिकॉर्ड के अभाव पर सवाल उठाया गया।

रोगी देखभाल की बजाय नए उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता 

bhopal gas trasdi :  ढिंगरा ने कहा, प्रबंधन निर्बाध रोगी देखभाल की बजाय नए उपकरणों की खरीद को प्राथमिकता देता प्रतीत होता है। वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना कार्यात्मक सेवाओं को निलंबित करना उन उद्देश्यों को ही विफल कर देता है, जिनके लिए इन मिनी इकाइयों की स्थापना की गई थी।

स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती पर बीजीआईए की सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका

bhopal gas trasdi :  उन्होंने आगे कहा कि बीजीआईए 11 अगस्त को निर्धारित अपनी अवमानना ​​याचिका की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष इस मुद्दे को उठाएगी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सेवाओं में कटौती भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों को मुफ्त और उचित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करती है। आईएएनएस एसएचके/डीकेपी


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(यह खबर आईएएनएस  समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)