आज रविवार को रात्रि निशा पूजा एवं कल सोमवार को हवन-वायुमंडल में स्वाहा स्वाहा गूजायमान होगा- पं विजय झा

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रायपुर। 18 अक्टूबर: Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir: छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में नवरात्रि पर्व, व्रत उपवास 11 अक्टूबर से निरंतर जारी है। प्रत्येक राज्य में धड़ी पल व सूर्योदय के आधार पर तिथियां परिवर्तित होती हैं।

पुरानी बस्ती,रायपुर स्थित महामाया मंदिर के व्यवस्थापक एवं सतबहनियां माता मंदिर बंधवापारा के पुजारी पं विजय कुमार झा ने बताया है कि सप्तमी शनिवार को सूर्योदय से रात भर है, लेकिन रविवार को प्रातः 8:28 तक सप्तमी है। इसलिए रविवार को उदया तिथि के आधार पर सप्तमी है। रविवार को ही सप्तमी उपरांत अष्टमी मनाया जाएगा। इसी दिन निशा पूजा होगा।

Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir: सोमवार को अष्टमी प्रातः 10:50 तक है, इसलिए हवन सोमवार को प्रात: प्रारंभ होकर 10:50 के बाद नवमी में पूर्णाहुति होगा।

Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir
Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir

Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir: असत्य पर सत्य की विजय, विजयादशमी 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जाएगा

अनेक जगह हवन उपरांत कन्या भोज,भंडारा भी संपन्न होंगे। असत्य पर सत्य की विजय, विजयादशमी 20 अक्टूबर मंगलवार को मनाया जाएगा। रात्रि में मंदिरों में गुप्त रूप से विसर्जित होने वाले ज्योत जवारा का विसर्जन हवन पश्चात सोमवार को रात्रि किया जाएगा।

पं झा ने कहा है कि हवन में उपयोग में आने वाली चांवल,शुद्ध घी, धूप, दशान, कपूर आदि वायु मंडल को शुद्ध करते हैं। हवन का सांकल सीधे अग्नि में डाला जाना चाहिए बाहर गिरने वाले सांकला को अग्नि में नहीं डालना चाहिए। सांकला हवन में डालने से देवी देवताओं को भोजन प्राप्त होता है। बाहर गिरने वाले सांखला भगवान को नहीं बल्कि राक्षसों को प्राप्त होते हैं।

Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir: हवन में कभी भी पूर्ण नारियल नहीं डाला जाना चाहिए। एक नारियल हवन में डालने से एक लाख लोगों को भोजन करना होता है, जो संभव नहीं है।

एक सूखा नारियल या लौंग इलाइची पूर्णाहुति में डालते हैं उसके बदले भंडारा किया जाता है

Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir: मंदिरों में एक सूखा नारियल या लौंग इलाइची पूर्णाहुति में डालते हैं उसके बदले भंडारा किया जाता है। पं झा ने कहा है सामान्यतः देखा गया है कि हवन में बुच सहित सैधा नारियल व उसके साथ सुहाग की सामग्री भी डाल दी जाती है जो अशुभ का परिचायक है।

पं झा ने बताया है कि सतबहनियां माता मंदिर में 109 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित किए गए हैं, जिसमें 107 मनोकामना ज्योति, एक राज ज्योति, एक भैरव ज्योति मिलाकर 109 ज्योत है।

ज्योति की व्यवस्था विद्युत सजावट, श्र्ंगार, प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्था अनिल यादव, मनोहर लाल यादव, लक्ष्मीकांत यादव अजीत यादव, शेखर पंसारी वीरेंद्र यादव आदि के द्वारा किया जा रहा है।

Nisha Pooja aur Havan at Mahamaya Mandir: माता जी का आकर्षक श्रृंगार व पंचमी के दिन पचरंग श्रृगारअनिल यादव द्वारा किया जाता है।

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