ममता बनर्जी 15 हजार से ज्यादा वोटों से हार गईं; भवानीपुर में सुवेंदु ने दोहराया नंदीग्राम पार्ट-2

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mamata banerjee
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कोलकाता, 4 मई (आईएएनएस)। mamata banerjee : पश्चिम बंगाल के भवानीपुर सीट का परिणाम सामने आ चुका है। इस सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं। भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों की अंतर से सीएम ममता को चुनाव हराया है। यह दूसरी बार है, जब उन्हें सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

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ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही

mamata banerjee : चुनावी नतीजों के साथ ही एक बार फिर यह सीट प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसी सीट से विधायक रही हैं। साथ ही, यह सीट लंबे समय से टीएमसी का गढ़ मानी जाती रही है। इस विधानसभा क्षेत्र के लिए दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था ।

2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से हार गई थी 

mamata banerjee : इस चुनाव में ममता बनर्जी की हार को देखें तो यह कुछ-कुछ 2021 के विधानसभा चुनाव नतीजों की तरह है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था। यहां से ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी ने हराया था।

सुवेंदु अधिकारी के हाथों मिली पराजय

mamata banerjee : ममता बनर्जी के लिए सुवेंदु अधिकारी के हाथों मिली पराजय इस कारण भी बड़ी थी कि एक समय अधिकारी ममता बनर्जी के खास सहयोगियों में शामिल थे। फिर, चाहे नंदीग्राम आंदोलन हो या सिंगूर में आंदोलन के जरिए ममता बनर्जी का सियासी उभार। लेकिन, समय गुजरा और ममता बनर्जी से सुवेंदु अधिकारी ने रास्ते अलग कर लिए और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।

भवानीपुर उपचुनाव में जीत हासिल कर सत्ता की बागडोर थामे रहीं

mamata banerjee : खास बात यह है कि लगातार दो चुनावों में टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 2021 में नंदीग्राम में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर का रुख किया और यहां पर उपचुनाव में जीत हासिल कर सत्ता की बागडोर थामे रहीं।

सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ ही भवानीपुर उम्मीदवारी की

mamata banerjee : इस बार के चुनाव में एक बार फिर सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ ही भवानीपुर से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर दी। चुनावी नतीजे से पहले ही सुवेंदु अधिकारी लगातार दावा कर रहे थे कि उन्हें भवानीपुर से जीत मिलेगी और उनका दावा 4 मई की देर शाम को हकीकत में बदल गया।

भवानीपुर का इतिहास राजनीतिक रूप से उतार-चढ़ाव से भरा

mamata banerjee : भवानीपुर का इतिहास राजनीतिक रूप से उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 1951 में अस्तित्व में आने के बाद इस सीट ने कई चुनाव देखे। शुरुआती वर्षों में कांग्रेस का दबदबा रहा, जबकि एक बार वामपंथी दलों ने भी यहां जीत दर्ज की।

2026 के चुनाव परिणाम में टीएमसी का गढ़ ढह गया

mamata banerjee : बाद में यह सीट कालीघाट के नाम से जानी गई और फिर 2009-2011 के बाद दोबारा अस्तित्व में आई। 2011 के बाद से यह सीट तृणमूल कांग्रेस का गढ़ बनी रही। लेकिन, 2026 के चुनाव परिणाम में एक बार फिर टीएमसी का गढ़ ढह गया। –आईएएनएस पीएसके/एबीएम


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)