कटक 25 जून । Sri Sri University school : प्रख्यात कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने गुरुवार को ओड़िशा के कटक स्थित श्री श्री विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति, सकारात्मक वातावरण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि जीवन को आनंद, आत्मविश्वास और मुस्कान के साथ जीने की कला भी सिखाता है।
श्री श्री विश्वविद्यालय में आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा सौंदर्य प्रसाधन
Sri Sri University school : विद्यार्थियों की प्रसन्नता और आत्मविश्वास की चर्चा करते हुए इंद्रेश जी ने कहा, “श्री श्री विश्वविद्यालय ऐसा संस्थान है, जहाँ छात्रों को अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए किसी कॉस्मेटिक की आवश्यकता नहीं पड़ती। यहाँ का सकारात्मक माहौल और खुश रहने की शिक्षा उनके चेहरे की प्राकृतिक चमक को बढ़ा देती है।
इंद्रेश उपाध्याय ने विश्वविद्यालय पहुंचकर गो-पूजन किया
Sri Sri University school : यदि भविष्य में मुझे वृंदावन में किसी शैक्षणिक संस्थान की स्थापना करने का अवसर मिलता है, तो मैं गर्व से कहूँगा कि उसकी प्रेरणा मुझे श्री श्री विश्वविद्यालय से मिली है।” कटक में आयोजित कथा कार्यक्रमों के सिलसिले में शहर में प्रवास कर रहे इंद्रेश उपाध्याय ने विश्वविद्यालय पहुंचकर गो-पूजन किया और परिसर का अवलोकन किया।
दशावतारम् नृत्य प्रस्तुति से गूंजा परिसर, इंद्रेश उपाध्याय हुए अभिभूत
Sri Sri University school : इस अवसर पर कुलाध्यक्षा प्रोफेसर रजिता कुलकर्णी, कार्मिक निदेशक स्वामी सत्यचैतन्य तथा अन्य अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी सौरभ बावेजा ने उन्हें संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, मूल्यों और उपलब्धियों से अवगत कराया। वहीं, कला, संस्कृति एवं भारतीय शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों ने आकर्षक दशावतारम् नृत्य की प्रस्तुति देकर उनका अभिनंदन किया।
हर अनुभव से सीखें और खुद को समृद्ध बनाएं: इंद्रेश उपाध्याय
Sri Sri University school : अपने प्रेरक संबोधन में इंद्रेश जी ने विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय की शिक्षा पूर्ण होने के बाद जीवन की असली चुनौतियाँ सामने आती हैं। ऐसे में युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और जीवन के प्रत्येक अनुभव से स्वयं को समृद्ध करने का संदेश दिया।
जगन्नाथ… चका नैन’ सुन भाव-विभोर हुए श्रोता,
Sri Sri University school : कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपना लोकप्रिय भजन “जगन्नाथ… चका नैन” भी प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर लगभग 1,500 श्रोता भाव-विभोर हो उठे और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दौरे के अंत में प्रोफेसर रजिता कुलकर्णी और स्वामी सत्यचैतन्य ने उन्हें विश्वविद्यालय के विभिन्न स्थलों तथा प्रतिष्ठित आइकॉनिक टॉवर का भ्रमण कराया। कोणार्क मंदिर की स्थापत्य भव्यता की झलक प्रस्तुत करने वाले इस अद्वितीय निर्माण को देखकर इंद्रेश उपाध्याय विशेष रूप से प्रभावित हुए और इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
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