मेहनतकश हाथों के सम्मान को समर्पित दिन, जानें 1 मई को क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस

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1 may majdur diwas
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नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। 1 may majdur diwas  : दुनिया भर के मेहनतकश श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक योगदान को याद करने और उनके सम्मान का दिन है अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस। हर साल 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन मजदूरों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है।

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कई देशों में सार्वजनिक छुट्टी के रूप में मनाया जाता

1 may majdur diwas : इस दिन को कई देशों में सार्वजनिक छुट्टी के रूप में मनाया जाता है। इसकी जड़ें 19वीं शताब्दी के अंत में अमेरिका में शुरू हुए श्रमिक आंदोलनों से जुड़ी हैं। उस समय औद्योगिक कारखानों में मजदूरों से 12 से 16 घंटे तक काम लिया जाता था। इससे तंग आकर मजदूरों ने आठ घंटे के काम के समय की मांग को लेकर बड़े आंदोलन शुरू किए।

आठ घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल

1 may majdur diwas : 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में हजारों मजदूरों ने आठ घंटे काम की मांग को लेकर हड़ताल की। कुछ दिनों बाद 4 मई को हेमार्केट स्क्वायर में एक सभा के दौरान हिंसा भड़क गई। एक बम विस्फोट हुआ और पुलिस की गोलीबारी में कई मजदूर और पुलिसकर्मी मारे गए।

घटना को हेमार्केट अफेयर के नाम से जाना जाता

1 may majdur diwas : इस घटना को हेमार्केट अफेयर के नाम से जाना जाता है। इस कांड ने पूरी दुनिया में मजदूर अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। 1889 में पेरिस में हुई समाजवादी दलों की अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस (सेकेंड इंटरनेशनल) ने 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। इसका उद्देश्य आठ घंटे काम का अधिकार दिलाना था। 1890 से दुनिया के कई देशों में यह दिन धूमधाम से मनाया जाने लगा।

मजदूर दिवस 1 मई 1923 को चेन्नई में मनाया गया

1 may majdur diwas : भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1 मई 1923 को चेन्नई (तत्कालीन मद्रास) में मनाया गया। कम्युनिस्ट नेता मलयापुरम सिंगारवेलु चेट्टियार ने हिंदुस्तान मजदूर किसान पार्टी की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर लाल झंडा पहली बार भारत में फहराया गया।

1 may majdur diwas : राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग

सिंगारवेलु चेट्टियार ने सरकार से इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की थी। भारत में इस दिन को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस, कामगार दिवस या मजदूर दिवस के नाम से जाना जाता है। चीन, क्यूबा समेत दुनिया के अधिकांश देशों में 1 मई को मजदूरों के अधिकारों, एकजुटता और उपलब्धियों का जश्न मनाया जाता है।

1 may majdur diwas : आज के दौर में भी यह दिन श्रमिकों की समस्याओं, शोषण के खिलाफ संघर्ष और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की याद दिलाता है। –आईएएनएस एमटी/पीएम


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)