संयुक्त राष्ट्र, 1 मई (आईएएनएस)। un chief : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने म्यांमार की सैन्य सरकार द्वारा देश की नेता आंग सान सू की को जेल से घर में नजरबंदी में स्थानांतरित किए जाने को सराहा है।
सू की की सजा में बदलाव सकारात्मक कदम’
un chief : उनके प्रवक्ता स्टिफन दुजारिक ने कहा कि यह कदम “विश्वसनीय राजनीतिक प्रक्रिया के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण” है। दुजारिक ने गुरुवार को कहा, “हम आंग सान सू की की सजा को तथाकथित हाउस अरेस्ट और एक निर्धारित निवास में बदलने के फैसले की सराहना करते हैं। यह एक सार्थक कदम है।”
राजनीतिक कैदियों की शीघ्र रिहाई की मांग
un chief : म्यांमार की सैन्य-नियंत्रित सरकार ने बताया कि पूर्व स्टेट काउंसलर और लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार की वास्तविक नेता रही सू की 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से हिरासत में हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, महासचिव और म्यांमार के लिए उनकी विशेष दूत जूली बिशप पिछले कई महीनों से सभी राजनीतिक कैदियों की शीघ्र रिहाई की मांग कर रहे हैं।
समावेशी संवाद के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता पर आधारित
un chief : दुजारिक ने कहा, “एकमात्र व्यवहार्य राजनीतिक समाधान तत्काल हिंसा समाप्त करने और समावेशी संवाद के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता पर आधारित होना चाहिए।” म्यांमार में सत्ता पर काबिज सैन्य नेता मिन ओंग ह्लैंग को पिछले महीने राष्ट्रपति चुना गया, जिसके बाद सेना की पकड़ में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं।
नववर्ष के अवसर पर 4,300 राजनीतिक कैदियों के साथ रिहा
un chief : इस बीच, अपदस्थ नागरिक सरकार के राष्ट्रपति विन मिन्ट को 17 अप्रैल को म्यांमार के नववर्ष के अवसर पर लगभग 4,300 राजनीतिक कैदियों के साथ रिहा किया गया था। हालांकि, जिस संसद ने मिन ओ ह्लाइन को राष्ट्रपति चुना, उसकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि दिसंबर-जनवरी में हुए चुनावों में सू की की पार्टी ‘नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी’ को शामिल नहीं किया गया था।
विन म्यिंत ने सू की सजा बदली, घर में नजरबंदी लागू
un chief : सरकार के अनुसार, विन म्यिंत ने सू की की बची हुई सजा को, जो वह नेपीतॉ जेल में काट रही थीं, घर में नजरबंदी में बदलने का आदेश दिया है। सू की को 2021 में कुल 33 वर्ष की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में घटाकर 22 वर्ष 6 महीने कर दिया गया और पिछले महीने इसमें एक-छठे की अतिरिक्त राहत दी गई।
संयुक्त राष्ट्र म्यांमार सैन्य सरकार को मान्यता नहीं
un chief : संयुक्त राष्ट्र म्यांमार की सैन्य सरकार को मान्यता नहीं देता और अपदस्थ सरकार के प्रतिनिधि चॉ मूह तूह अब भी संयुक्त राष्ट्र में देश का आधिकारिक प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
जूली बिशप की सक्रियता: म्यांमार में लोकतंत्र बहाली की कोशिशें तेज
un chief : उल्लेखनीय है कि जूली बिशप, जिन्हें 2024 में महासचिव का विशेष दूत नियुक्त किया गया, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ संपर्क में रहकर म्यांमार में लोकतंत्र बहाली के प्रयास कर रही हैं। पिछले वर्ष उन्होंने भारत का दौरा कर विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी। –आईएएनएस केआर/
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
















