पेइचिंग में ह्यूमनॉइड रोबोट मैराथन : एआई क्रांति की रफ्तार का सजीव प्रदर्श

peiching humanoid robot
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 बीजिंग, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। peiching humanoid robot : एक ठंडी रविवार सुबह, चीन की राजधानी पेइचिंग के दक्षिण-पूर्वी इलाके में स्टार्टिंग गन की आवाज गूंजी। सौ से अधिक ह्यूमनॉइड रोबोट दौड़ते हुए स्टार्टिंग लाइन के पार चले गए। यह नजारा अब नया नहीं रहा, क्योंकि पिछले वर्ष भी ऐसी ही आधी मैराथन आयोजित की गई थी।

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चीनी रोबोटिक्स ने दुनिया को चौंका दिया

peiching humanoid robot : लेकिन, इस बार इन मशीनों के सामने केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी वास्तविक क्षमता साबित करने की चुनौती थी। चीनी रोबोटिक्स ने पिछले एक वर्ष में दुनिया को चौंका दिया है। ये रोबोट अब स्प्रिंटिंग, मार्शल आर्ट और यहां तक कि डांस भी कर सकते हैं।

रोबोटों के समय में 1.2 गुना की दंडात्मक वृद्धि

peiching humanoid robot : लेकिन असली सवाल यही था कि क्या ये मशीनें केवल रिमोट-नियंत्रित उपकरण हैं, या वास्तव में स्वायत्त रूप से कार्य कर सकती हैं। इसी प्रश्न का उत्तर खोजने के लिए आयोजकों ने एक नया नियम लागू किया। जो रोबोट पूरी तरह से स्वयं, बिना मानव नियंत्रण के दौड़ेंगे, उनका समय सामान्य रूप से दर्ज किया जाएगा, जबकि रिमोट से संचालित रोबोटों के समय में 1.2 गुना की दंडात्मक वृद्धि की जाएगी।

बौद्धिक दक्षता का भी परीक्षण

peiching humanoid robot : इसी कारण लगभग 40 प्रतिशत रोबोटों ने पूर्ण स्वायत्तता के साथ दौड़ने की चुनौती स्वीकार की। चीनी इंजीनियरों के लिए यह प्रतियोगिता केवल शारीरिक क्षमता का नहीं, बल्कि बौद्धिक दक्षता का भी परीक्षण थी। जहां पिछली बार विभिन्न प्रकार के डिजाइन देखने को मिले थे, वहीं इस बार अधिकांश रोबोट एक समान प्लेटफॉर्म पर आधारित थे, जैसे ‘यूनिट्री’, ‘थ्यानकोंग’ और ‘ऑनर’।

हार्डवेयर से अधिक सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम

peiching humanoid robot : असली प्रतिस्पर्धा हार्डवेयर से अधिक सॉफ्टवेयर और एल्गोरिदम के स्तर पर थी। सबसे तेज रोबोट ‘ऑनर’ कंपनी का रहा, जिसने मात्र 50 मिनट 26 सेकंड में 21.1 किलोमीटर की दूरी पूरी की। यह समय मानव विश्व रिकॉर्ड से छह मिनट से अधिक कम है।

केवल एक वर्ष में हुई उल्लेखनीय तकनीकी प्रगति

peiching humanoid robot : दूसरे और तीसरे स्थान पर भी ‘ऑनर’ के ही अन्य स्वायत्त रोबोट रहे। दूसरी ओर, पिछले वर्ष के विजेता ‘थ्यानकोंग’ ने इस बार 1 घंटा 15 मिनट में दौड़ पूरी की, जबकि 2025 में उसने 2 घंटे 40 मिनट का समय लिया था। यह अंतर केवल एक वर्ष में हुई उल्लेखनीय तकनीकी प्रगति को दर्शाता है।

दूरदराज के खतरनाक क्षेत्रों में काम करना

peiching humanoid robot : दौड़ समाप्त हो चुकी है, लेकिन असली यात्रा अब शुरू हुई है। चीन में इस बात पर सहमति बन रही है कि रोबोट का उद्देश्य मनुष्यों की जगह लेना नहीं, बल्कि ऐसे कार्य करना है जिन्हें मनुष्य करना नहीं चाहते, जैसे दूरदराज के खतरनाक क्षेत्रों में काम करना या आपदा राहत कार्य।

चीन की अग्रणी रोबोटिक्स

peiching humanoid robot : चीन की एक अन्य अग्रणी रोबोटिक्स कंपनी ‘एजीबॉट’ ने इस प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया, लेकिन उसने एक फैक्ट्री में टैबलेट असेंबली लाइन पर आठ घंटे की शिफ्ट का लाइव प्रसारण कर अपनी सटीकता और दक्षता का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, दक्षिण चीन के शनचन जैसे तकनीकी केंद्रों में ह्यूमनॉइड रोबोटों को ट्रैफिक नियंत्रण से लेकर घरेलू कार्यों तक में तैनात किया जा रहा है।

चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना

peiching humanoid robot : चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026–2030) में ‘एम्बोडीड इंटेलिजेंस’ को भविष्य के उद्योग के रूप में शामिल किया गया है। एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2030 तक चीन में ह्यूमनॉइड रोबोट का बाजार लगभग 8 खरब 70 अरब युआन तक पहुंच सकता है। जैसा कि चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स संस्थान के उप महासचिव लियांग लियांग ने कहा, “ह्यूमनॉइड रोबोट केवल दौड़ने के लिए नहीं दौड़ते।”

मैराथन का उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग टीमों की पहचान करना

peiching humanoid robot : इस मैराथन का उद्देश्य सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग टीमों की पहचान करना, तकनीकी प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना और अंततः इस तकनीक को बाजार तक पहुंचाना है। पेइचिंग की इस रोबोट मैराथन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चीन ने केवल सपने नहीं देखे, बल्कि उन्हें साकार करने की दिशा में ठोस कदम भी बढ़ा दिए हैं।

दौड़ अब केवल ट्रैक तक सीमित नहीं है

peiching humanoid robot : यह दौड़ अब केवल ट्रैक तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी, कारखानों, सड़कों और घरों तक पहुंच चुकी है। यही चीन की एआई और रोबोटिक्स क्रांति की वास्तविक कहानी है। (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग) –आईएएनएस एबीएम/


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)