भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण में तेजी लाने उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री के कड़े निर्देश

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bhoramdev corridor
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कवर्धा 22 सितंबर । bhoramdev corridor :  भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में सुस्ती पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। स्वदेश दर्शन योजना के तहत करीब 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे कॉरिडोर के सभी प्रोजेक्ट की कबीरधाम में समीक्षा के दौरान मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को हर 15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर काम में तेजी लाने और तय समय-सीमा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

bhoramdev corridor : भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण में तेजी लाने उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री के कड़े निर्देश

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भोरमदेव कॉरिडोर के काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

bhoramdev corridor : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति नहीं होने पर अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 15 दिन में कार्य की प्रगति निर्माण स्थल पर दिखाई देनी चाहिए। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार ठेकेदारों को कार्य से पृथक करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण

bhoramdev corridor :  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक परियोजना है। ठेकेदार एजेंसियों की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित ठेकेदार को कार्य से पृथक कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध की शर्तों के तहत ब्लैक लिस्ट सहित अन्य कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

निर्माण स्थल पर उसका परिणाम स्पष्ट दिखाई देना चाहिए

bhoramdev corridor :  उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कार्ययोजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि निर्धारित अवधि के बाद निर्माण स्थल पर उसका परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।

निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं

bhoramdev corridor :  उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए प्रत्येक निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और निर्धारित गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य में किसी तरह की तकनीकी अथवा अन्य समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश

bhoramdev corridor :  इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां पूरी गंभीरता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही पीएमसी की भूमिका एवं जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने को कहा।

पर्यटन मंत्री ने धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई

bhoramdev corridor :  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 09 माह हो चुके हैं, इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षा के अनुरूप गति से नहीं चल रहे हैं। मंत्री अग्रवाल ने सभी ठेकेदारों को पूर्ण कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।

15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी

bhoramdev corridor :  उन्होंने कहा कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्यों को पूरा करने की समय-सीमा तय की जाए। प्रत्येक 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले ठेकेदार को कार्य से पृथक करने तथा अनुबंध की शर्तों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण कार्य में समन्वय बढ़ाने पर्यटन मंत्री ने दिए निर्देश

bhoramdev corridor :  पर्यटन मंत्री ने पीएमसी, भोरमदेव विकास समिति और संबंधित विभागों के साथ ठेकेदारों की स्थानीय टीम के नियमित समन्वय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से ऐसा जिम्मेदार प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे, जो समिति एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण से जुड़े विषयों पर तत्काल निर्णय ले सके।

ड्राइंग-डिजाइन पर तत्काल निर्णय के लिए साइट पर जिम्मेदार प्रतिनिधि जरूरी

bhoramdev corridor :  उन्होंने सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और प्रगति की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए। पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने निर्देश दिए कि भोरमदेव कॉरिडोर के ड्राइंग एवं डिजाइन में भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए। नए निर्माण कार्य मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप हों और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करें।

भोरमदेव के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें

bhoramdev corridor :  अग्रवाल ने कहा कि भोरमदेव केवल कवर्धा की आस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसलिए सभी अधिकारी और संबंधित निर्माण एजेंसियां इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें।

बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी

bhoramdev corridor :  बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, विदेशीराम धुर्वे, संतोष पटेल, लोकचंद साहू, नंद श्रीवास सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-उपस्थित थे।

भोरमदेव मार्ग और आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश

bhoramdev corridor :  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति का चिन्हांकन कर सख्त कार्रवाई के साथ अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश तहसीलदार को दिए।

भोरमदेव मार्ग से अतिक्रमण हटाकर विकसित की जाएंगी जनसुविधाएं

bhoramdev corridor :  उन्होंने कहा कि राजस्व एवं वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन किया जाए और यदि कहीं अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार उसे तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई उपयुक्त शासकीय भूमि का सुव्यवस्थित उपयोग पार्किंग सहित अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। साथ ही पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


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