रायपुर, 28 जून 2026। National Pulse Polio Campaign: राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार से पूरे छत्तीसगढ़ में तीन दिवसीय विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत उत्साह और जनभागीदारी के साथ हुई।
National Pulse Polio Campaign: प्रदेश के पांचों संभागों के सभी 33 जिलों में मंत्री, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर, स्वास्थ्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
इस अभियान का उद्देश्य जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना तथा देश और प्रदेश की पोलियो-मुक्त पहचान को कायम रखना है।
पहले दिन प्रदेशभर में हजारों पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से की अपील
National Pulse Polio Campaign: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाई जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और हमारी छोटी-सी सावधानी उन्हें आजीवन अपंगता से बचा सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा अपने आसपास के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने में सहयोग करने का आग्रह किया।
अबूझमाड़ से मिला अभियान को प्रेरक संदेश
National Pulse Polio Campaign: अभियान की शुरुआत नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में भी विशेष उत्साह के साथ हुई। यहां महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है तथा “दो बूंद जिंदगी की” केवल दवा नहीं बल्कि स्वस्थ भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
बस्तर संभाग के जिलों में व्यापक तैयारियां
National Pulse Polio Campaign: सुकमा जिले में अभियान का शुभारंभ कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर किया। जिले में 38,518 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 389 पोलियो बूथ और 1,117 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है।
वहीं उत्तर बस्तर कांकेर जिले में 76,544 बच्चों तक पोलियो की दो बूंद पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। घर-घर पहुंचने के लिए विशेष भ्रमण दल और ट्रांजिट टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए।
सरगुजा संभाग में बड़े पैमाने पर अभियान
National Pulse Polio Campaign: बलरामपुर जिले में जिला अस्पताल से अभियान की शुरुआत की गई। यहां एक लाख सात हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में 693 पोलियो बूथ बनाए गए हैं तथा 1,386 स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी दलों की तैनाती की गई है।
वहीं जशपुर जिले में जिला चिकित्सालय से अभियान की शुरुआत हुई, जहां एक लाख 15 हजार से अधिक बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में 1,205 बूथ, हजारों स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, मोबाइल और ट्रांजिट टीमें अभियान को सफल बनाने में जुटी हैं।
बिलासपुर संभाग में जनभागीदारी के साथ अभियान
National Pulse Polio Campaign: कोरबा जिले में अभियान का शुभारंभ बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर किया गया। जिले में एक लाख 72 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 1,578 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं।
गांवों, वार्डों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर भी विशेष बूथ बनाए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जरूरत पड़ने पर घर-घर जाकर भी दवा पिलाएंगी।
अन्य जिलों में भी लोग ख़ूब उत्साह से हिस्सा ले रहें हैं
National Pulse Polio Campaign: प्रदेश के अन्य जिलों में भी अभियान के पहले दिन बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पोलियो बूथ पहुंचे। एक जिले में 1.34 लाख से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 1,307 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की है तथा स्वयंसेवकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों की सहायता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रह जाए।
घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें
National Pulse Polio Campaign: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के पहले दिन पोलियो बूथों पर दवा पिलाई जा रही है, जबकि अगले दो दिनों में स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को चिन्हित करेंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।
प्रदेशभर में हजारों स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, आशा कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और सुपरवाइजर अभियान की निगरानी कर रहे हैं। विशेष रूप से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, ईंट-भट्ठों, बस स्टैंड, हाट-बाजार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं।
पोलियो मुक्त भारत बनाए रखने की जिम्मेदारी
National Pulse Polio Campaign: स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि भारत को वर्ष 2014 में पोलियो-मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अब भी पोलियो वायरस मौजूद है। ऐसे में इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाता है।
विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 से 30 जून के बीच अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निकटतम पोलियो बूथ या स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। अभियान का संदेश स्पष्ट है—“एक भी बच्चा छूटा, सुरक्षा चक्र टूटा।”
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