नई दिल्ली, 12 मार्च। Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में उत्पन्न संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को लोकसभा में बयान देते हुए कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और आम नागरिकों को किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
मंत्री ने सदन को बताया कि ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिसके माध्यम से विश्व का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी का परिवहन होता है।
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: यह आधुनिक ऊर्जा इतिहास की अभूतपूर्व स्थिति है, लेकिन भारत ने समय रहते रणनीतिक कदम उठाकर संभावित संकट को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया है।
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित, 40 देशों से हो रहा आयात
मंत्री पुरी ने बताया कि संकट से पहले भारत के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा हॉर्मुज मार्ग से आता था। लेकिन सरकार की सक्रिय कूटनीतिक पहल और आपूर्ति स्रोतों के विविधीकरण के कारण अब गैर-हॉर्मुज स्रोतों से आयात बढ़कर लगभग 70 प्रतिशत हो गया है।
उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में 40 देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है, जबकि वर्ष 2006-07 में यह संख्या केवल 27 थी। देश की रिफाइनरियां भी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कई स्थानों पर उत्पादन क्षमता 100 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुकी है।
देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, मिट्टी का तेल और फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
साथ ही राज्यों को पीडीएस के तहत अतिरिक्त मिट्टी का तेल आवंटित किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराया जा सके।
प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर प्रबंधित किया गया
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: सरकार ने प्राकृतिक गैस के उपयोग को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित किया है।
- भारत में प्रतिदिन लगभग 90 MMSCMD घरेलू गैस उत्पादन हो रहा है।
- घरेलू पाइप्ड गैस और सीएनजी की आपूर्ति 100 प्रतिशत सुनिश्चित की गई है।
- उद्योगों को पिछले छह महीने के औसत का 80 प्रतिशत गैस मिल रही है।
- उर्वरक संयंत्रों को 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जा रही है ताकि कृषि क्षेत्र प्रभावित न हो।
वैकल्पिक स्रोतों से एलएनजी कार्गो भी लगातार भारत पहुंच रहे हैं, जिससे बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियां सुरक्षित बनी हुई हैं।
एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत वृद्धि
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। 8 मार्च 2026 को जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के तहत देश की सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने का निर्देश दिया गया है।
इसके परिणामस्वरूप पिछले पांच दिनों में एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से अतिरिक्त कार्गो मंगाए जा रहे हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश के 33 करोड़ से अधिक परिवारों की रसोई गैस आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और बुकिंग से डिलीवरी का औसत समय अभी भी लगभग 2.5 दिन बना हुआ है।
कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: सरकार ने एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं।
- डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड की कवरेज 50% से बढ़ाकर 90% की जा रही है।
- शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर रखा गया है।
- ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में यह अंतर 45 दिन होगा।
- राज्य सरकारों के साथ मिलकर एंटी-डायवर्जन कार्रवाई भी शुरू की गई है।
वैश्विक महंगाई के बावजूद भारत में गैस कीमतें नियंत्रित
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद भारत में उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।
- दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में उपलब्ध है।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) लाभार्थियों के लिए इसकी कीमत 613 रुपये है।
सरकार ने वैश्विक कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए प्रति सिलेंडर लगभग 74 रुपये का भार खुद वहन किया है।
संकट के बीच अफवाहों से बचने की अपील
Central Petrolium and Gas Minister’s Statement: हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह समय अफवाहें फैलाने का नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता दिखाने का है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
उन्होंने कहा, “पेट्रोल पंप खुले हैं, गैस उपलब्ध है और स्कूल भी सामान्य रूप से चल रहे हैं। भारत इस वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना पूरी तैयारी और मजबूती के साथ कर रहा है।”
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