मुंबई, 19 मई (आईएएनएस)। shuruati badhat khokar lal nishan : पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार अपनी शुरुआती बढ़त खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ।
सेंसेक्स ने दिन के उच्चतम स्तर से 500 अंकों
shuruati badhat khokar lal nishan band : इस दौरान प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स ने दिन के उच्चतम स्तर से 500 अंकों से ज्यादा गिरकर और एनएसई निफ्टी 50 ने दिन के हाई से 160 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार का समापन किया। बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 114.19 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,200.85 पर था, तो वहीं निफ्टी 31.95 (0.14 प्रतिशत) अंक फिसलकर 23,618 पर पहुंच गया।
व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन
shuruati badhat khokar lal nishan : व्यापक बाजारों ने प्रमुख बेंचमार्कों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.17 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप इेंडेक्स में 0.91 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट आई। निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज का प्रदर्शन भी खराब रहा।
आईटी में सबसे ज्यादा 3.23 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई
shuruati badhat khokar lal nishan band : इस बीच, निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा 3.23 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (1.43 प्रतिशत की तेजी), निफ्टी मीडिया (1.18 प्रतिशत की तेजी), निफ्टी केमिकल्स और निफ्टी ऑटो ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी50 इंडेक्स में इंफोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टीएमपीवी, टीसीएस, इटरनल और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।
भारती एयरटेल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
shuruati badhat khokar lal nishan : इसके विपरीत, कोटक बैंक, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा कंज्यूमर और भारती एयरटेल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इस दौरान, बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 458 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 459 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को इस सत्र में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लाभ हुआ।
बाजार में उत्साह देखने को मिला
shuruati badhat khokar lal nishan : एक बाजार विशेषज्ञ ने कहा, “शुरुआती कारोबार में अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अस्थायी रूप से रोकने की खबर से बाजार में उत्साह देखने को मिला था, लेकिन बाद में बाजार लाल निशान में आ गया। हालांकि, आईटी शेयर इस दौरान अपवाद रहे और इनमें अच्छी तेजी देखने को मिली।
महंगाई के दबाव की ओर तेजी से शिफ्ट
shuruati badhat khokar lal nishan : इसकी वजह रुपए में लगातार कमजोरी और आकर्षक वैल्यूएशन को माना जा रहा है।” विशेषज्ञ के अनुसार, चौथी तिमाही के नतीजे अब भी घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शा रहे हैं, लेकिन बाजार का फोकस अब बढ़ती महंगाई के दबाव की ओर तेजी से शिफ्ट हो रहा है।
ईंधन की बढ़ी कीमतों का धीरे-धीरे असर दिखना
shuruati badhat khokar lal nishan : वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों की कमाई के अनुमान घटने की आशंका बढ़ रही है। इसकी मुख्य वजह उम्मीद से अधिक थोक महंगाई दर (डब्ल्यूपीआई), ईंधन की बढ़ी कीमतों का धीरे-धीरे असर दिखना और बॉन्ड यील्ड का लगातार ऊंचे स्तर पर बने रहना है। –आईएएनएस डीबीपी
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
















