नई दिल्ली, 16 अक्टूबर । parisiman vidheyak : कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन विधेयक पर सरकार के प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया है।
संसद का सत्रावसान नहीं होने पर खड़गे ने जताई हैरानी
parisiman vidheyak : खड़गे ने कहा कि संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के 64 दिन बाद भी संसद के दोनों सदनों का सत्रावसान नहीं किया गया है। उन्होंने इस स्थिति को ‘अभूतपूर्व’ बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि उन्होंने 11 अप्रैल 2026 को भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पेश किए जाने से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी।
सरकार ने ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई
parisiman vidheyak : हालांकि, सरकार ने ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई। खड़गे के अनुसार, संबंधित विधेयकों को 14 अप्रैल की देर रात सार्वजनिक किया गया और 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। इसके बाद 17 अप्रैल को परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा।
परिसीमन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की खड़गे ने फिर की मांग
parisiman vidheyak : उन्होंने कहा कि इसके बाद भी उन्होंने 16 जुलाई और 27 अगस्त को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग दोहराई। खड़गे ने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री से यह उनका चौथा अनुरोध है। खड़गे ने सरकार से आग्रह किया कि सभी राजनीतिक दलों को प्रस्तावों पर विचार-विमर्श करने और संबंधित पक्षों से परामर्श करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। .
परिसीमन विधेयक पर जल्दबाजी न करे सरकार, खड़गे ने दी चेतावनी
parisiman vidheyak : उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को व्यापक प्रभाव वाले संविधान संशोधन विधेयक को एक बार फिर संसद में जल्दबाजी में पारित कराने का प्रयास नहीं करना चाहिए। बता दें कि संविधान संशोधन) विधेयक, 2026 और उससे जुड़ा परिसीमन विधेयक 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था, जो बहुमत हासिल नहीं कर पाया था और पारित नहीं हुआ था। (आईएएनएस)
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