महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक माताओं-बहनों को 20,708 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता

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Mahtari Vandan Yojna ki
Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht

रायपुर: 8 अक्टूबर: Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की।

इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता की राशि 20708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है।

इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है।

उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

महतारी वंदन योजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि लाखों महिलाओं के लिए अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसेमंद आर्थिक आधार बनी है।

कोई बहन इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई में कर रही है, कोई पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में, तो कोई अपनी छोटी-छोटी बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि केवल बैंक खातों में पहुंचने वाली आर्थिक सहायता नहीं है। यह माताओं-बहनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को नई शक्ति देने वाली राशि है।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की माताएं-बहनें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हों, बल्कि परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी निरंतर बढ़े।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: हर महीने सीधे माताओं-बहनों के खाते में पहुंच रहा आर्थिक संबल

प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में महिलाओं को 20075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी थी।

मुख्यमंत्री साय द्वारा आज जारी 32वीं किस्त में प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की गई। इस प्रकार योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक 20708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल रहा है। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ महिलाओं को अपने संसाधनों पर सीधा अधिकार भी प्रदान कर रही है।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक महिला सशक्त होती है तो उसका परिवार सशक्त होता है और जब प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा समाज और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक माताओं-बहनों को मिले 37.19 करोड़

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं को भी सीधा लाभ मिला। मुख्यमंत्री साय ने जिले की इन माताओं-बहनों के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की।

नियमित रूप से मिलने वाली यह आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं के साथ स्वयं की जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता दे रही है। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और निर्णय क्षमता भी मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार सहभागी बने।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: महिला सशक्तीकरण हमारे लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का व्यापक संकल्प है।

मातृशक्ति के सशक्तीकरण के साथ दुर्ग के विकास को 218.48 करोड़ की नई गति

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: कार्यक्रम में एक ओर प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल मिला, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत के विकास कार्यों की सौगात दी।

मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: ये कार्य सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनके पूर्ण होने से दुर्ग जिले में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।

बेहतर सड़कें बढ़ाएंगी कनेक्टिविटी, सुगम होगा आवागमन

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक-22 के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30.20 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जाएगा।

अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4.28 करोड़ रुपये के कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 15.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये तथा पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

अहिवारा एवं वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 7.06 करोड़ रुपये के कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।

इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा, आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के केंद्रों तक लोगों की पहुंच आसान होगी।

युवाओं के कौशल और भविष्य में निवेश

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht:मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया।

इस कार्य पर 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत आई है। उन्नत अधोसंरचना से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल अर्जित करने की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में भी 8.86 करोड़ रुपये की लागत से ऑफिस ब्लॉक के नवीनीकरण, सीसी रोड निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन तथा सिविल विंग के विस्तार सहित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे।दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: इससे जिले के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत, किसानों को मिलेगा लाभ

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और जलाशयों की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अनेक कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णाेद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 2.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णाेद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय के लिए 4.57 करोड़ रुपये तथा नंदौरी जलाशय के लिए 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।

दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णाेद्धार पर प्रत्येक के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णाेद्धार एवं नहर लाइनिंग पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए कोटनी माइनर चौनल का निर्माण 4.93 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। शिवनाथ मंडल कार्यालय दुर्ग के जीर्णाेद्धार एवं नवीन निर्माण के लिए भी 4.96 करोड़ रुपये के कार्य की आधारशिला रखी गई।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: इन कार्यों के पूरा होने से जल प्रबंधन बेहतर होगा, सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को खेती के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का होगा विस्तार

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: दुर्ग शहर में चिकित्सा शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री साय ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्य की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी।

पाटन क्षेत्र में और मजबूत होगी विद्युत अधोसंरचना

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

इनमें 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण तथा 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है।

इसके अतिरिक्त 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मातृशक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है।

एक ओर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ पूरी शक्ति से योगदान दे रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाकर, किसानों को मजबूत करके और आधुनिक अधोसंरचना विकसित करके राज्य सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों के चेहरे पर खुशी, उनके जीवन में आत्मविश्वास और उनके हाथों में आर्थिक सामर्थ्य हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

Mahtari Vandan Yojna ki 32vi Kisht:  सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।

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