रांची, 9 जून (आईएएनएस)। jharkhand mahila kisanon : झारखंड के सिमडेगा जिले की महिला किसानों की मेहनत से उपजे आम की मिठास अब सात समंदर पार पहुंच गई है। कभी स्थानीय बाजारों तक सीमित रहने वाले यहां के आम्रपाली आम अब लंदन के बाजारों में अपनी पहचान बनाने जा रहे हैं।
आम की पहली खेप यूके के लिए रवाना
jharkhand mahila kisanon : सिमडेगा से 1.32 टन आम की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम (यूके) के लिए रवाना होने के साथ ही झारखंड ने फल निर्यात के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि की जानकारी सिमडेगा की उपायुक्त कंचन सिंह ने मंगलवार को रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के दौरान दी।
महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित आम अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच
jharkhand mahila kisanon : उन्होंने बताया कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहे हैं। महिला समूहों की प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सिमडेगा के आम्रपाली आम भी भेंट किए। मौके पर विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थीं।
ग्रामीण महिलाओं की वैश्विक पहचान
jharkhand mahila kisanon : इस निर्यात अभियान में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) से जुड़ी ‘महिला जागृति फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ और ‘बेउरा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ की अहम भूमिका रही है। महिला-नेतृत्व वाले इन किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) की पहल को किसानों और ग्रामीण महिलाओं की वैश्विक पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना
jharkhand mahila kisanon : दरअसल, कोरोना काल में शुरू की गई बिरसा हरित ग्राम योजना ने इस सफलता की नींव रखी थी। वर्ष 2019-20 से 2024-25 के बीच सिमडेगा जिले के 12 हजार से अधिक किसानों ने करीब 10,500 एकड़ भूमि पर आम्रपाली, मल्लिका और लंगड़ा किस्म के आम के बाग विकसित किए। आज उन्हीं बागों की उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रही है।
महिला किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण
jharkhand mahila kisanon : पिछले वर्ष आम का अच्छा उत्पादन होने के बावजूद किसानों को बेहतर बाजार नहीं मिल पाया था। इस बार जिला प्रशासन ने खरीदार-विक्रेता बैठकें आयोजित कर किसानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से आमों को निर्यात योग्य बनाया गया और महिला किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया।
सीजन में 81 टन आम की बिक्री का लक्ष्य
jharkhand mahila kisanon : जिले ने इस सीजन में 81 टन आम की बिक्री का लक्ष्य तय किया है। जल्द ही आम की नई खेप यूके और यूरोप के अन्य बाजारों के लिए भी भेजी जाएगी। साथ ही बड़े घरेलू रिटेल नेटवर्क के साथ भी बाजार संपर्क स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन, महिला समूहों और किसानों की सराहना की।
कृषि निर्यात को नई गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामि
jharkhand mahila kisanon : उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को बेहतर कीमत, महिलाओं को नई पहचान और कृषि निर्यात को नई गति देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में बागवानी विकसित
jharkhand mahila kisanon : कृषि विभाग के अनुसार, राज्य स्तर पर बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत अब तक 1.86 लाख एकड़ क्षेत्र में बागवानी विकसित की जा चुकी है, जिससे 2.15 लाख ग्रामीण परिवारों को आजीविका का स्थायी आधार मिला है। इनमें से 52 हजार एकड़ क्षेत्र अब फल उत्पादन के चरण में पहुंच चुका है और इस वर्ष कम से कम 50 हजार मीट्रिक टन फल उत्पादन का अनुमान है।
बड़े घरेलू खुदरा नेटवर्क से भी किसानों को जोड़ा जा रहा है
jharkhand mahila kisanon : सिमडेगा जिला प्रशासन ने इस सीजन में 81 टन आम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचने का लक्ष्य रखा है। जल्द ही आम की नई खेप यूके और यूरोप के अन्य बाजारों के लिए भेजी जाएगी। इसके अलावा बड़े घरेलू खुदरा नेटवर्क से भी किसानों को जोड़ा जा रहा है। –आईएएनएस एसएनसी/एएसएच
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)















