बच्चे बाल्य काल से ही आध्यात्म से जुड़ेंगे तो उन्हें जीवन में अज्ञानता कभी नहीं सताएगी – श्री संकर्षण शरण जी

वैदिक मंत्रोच्चार की आहुति द्वारा भव्य हवन के संग त्रिदिवसीय गीता कथा सम्पन्न, श्री संकर्षण शरण जी बोलें ईश्वर की लीलाओं की चर्चा, धर्म चर्चा को दैनिक जीवन का अंग बनाएं

Gita Gyan Amrit Varsha Havan
Gita Gyan Amrit Varsha Havan

रायपुर, 30 अक्टूबर: Gita Gyan Amrit Varsha Havan: माँ कामाख्या धर्मादा ट्रस्ट भारत वर्ष के संयोजन में आयोजित त्रिदिवसीय गीता ज्ञान अमृत वर्षा गीता कथा आज वैदिक मंत्रोच्चार एवं जड़ी बूटियों के आहुतियों द्वारा भव्य हवन के संग सम्पन्न हुआ ।

प्रातः 7.30 बजे से भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने गुरुदेव श्री संकर्षण शरण जी के माध्यम से वैदिक मंत्रोच्चार द्वारा हवन में लोगों ने अपने भक्ति-भाव से सर्वशांति एवं विश्वकल्याण की कामनाओं के संग अपनी कामनाओं का स्मरण करते हुए स्वाहा-स्वाहा का जयघोष किया और आहुतियां डाली ।

श्री संकर्षण शरण जी ने त्रिदिवसीय गीता के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन जीने की कला से अवगत कराया

Gita Gyan Amrit Varsha Havan: श्री संकर्षण शरण जी (गुरूजी) ने त्रिदिवसीय गीता के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन जीने की कला से अवगत कराया और भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप का विस्तृत वर्णन किया और बताया के श्री कृष्ण हम सभी के समीप हर अच्छी चीजों में समाहित हैं । उन्होंने आज हवन उपरांत तीन दिन चले गीता कथा पर भी संक्षिप्त में प्रकाश डाला ।

साथ ही श्री संकर्षण शरण जी ने कहा कि हर एक व्यक्ति को दैनिक जीवन में धर्म और ईश्वर की लीलाओं की चर्चा करनी चाहिए, इससे हमारा मन सद्कार्यों में एवं सदमार्ग में लगा रहता है।

Gita Gyan Amrit Varsha Havan: साथ ही उन्होंने कहा आज के युवाओं को एवं बच्चों को भी शुरुआत से ही ईश्वर की कथाओं से जोड़ने की आवश्यकता है ।

Gita Gyan Amrit Varsha Havan:  बच्चे बाल्य काल से ही आध्यात्म से जुड़ेंगे तो उन्हें जीवन में अज्ञानता कभी नहीं सताएगी 

Gita Gyan Amrit Varsha Havan: जिस तरह हनुमान जी ने बचपन में ही ज्ञान रूपी सूरज को भक्ष लिया और अपने अंदर के निमित मात्र अज्ञान को मिटाया, उसी प्रकार हमें भी हमारे बच्चों को बाल्य काल से अध्यात्म से जोड़ उन्हें बचपन से ही सदमार्ग में अग्रसर करना चाहिए।

गुरुजी प्रातः कालीन दैनिक धर्म चर्चा के बारे में लोगों जानकारी दी

Gita Gyan Amrit Varsha Havan: उन्होंने संस्था द्वारा चलाए जा रहे प्रातः कालीन दैनिक धर्म चर्चा के बारे में भी जानकारी दी । उन्होंने बताया कि इस धर्म चर्चा में सभी उम्र, और सभी वर्ग के लोग जुड़ते हैं और रोज दिए गए विषय या ईश्वर की लीलाओं पर चर्चा करते हैं और बातें करते हैं कि ये कथा कैसे हमारे जीवन के नैतिक धर्मों से जुड़ी है और कैसे हमें सदमार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है ।

गुरुजी कहते हैं कि जब व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत ही ऐसे पॉजिटिव चीजों से करता है तो उसका दिन अपने आप अच्छा और सफ़ल हो जाता है, उसे ईश्वर की वाणी याद रहती है और वो अपने पथ में नहीं भटकता ।

श्री संकर्षण शरण जी ने बताया कि ये धर्म चर्चा रोज़ गूगल मीट के माध्यम से प्रातः 7.25 से प्रारंभ हो सुबह 8.30 बजे तक चलती है और लोग रोज इसमें ईश्वर की लीलाओं का चिंतन करते हैं। और जो व्यक्ति रोज़ ईश्वर की लीलाओं का चिंतन करता है वो ज़िदगी भर चिंता मुक्त रहता है ।

उन्होंने कहा इस धर्म चर्चा में कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है, जो जुड़ना चाहे वो उनके द्वारा दिए गए नंबर या उनके सोशल मीडिया पर मैसेज छोड़ दें, उन्हें फिर जोड़ दिया जाएगा । धर्म चर्चा का लिंक रोज एक प्रॉपर संयोजित पटल पर प्रेषित होता है, जिसका श्रद्धालुगण पटल से जुड़कर लाभ उठा सकते हैं।

Gita Gyan Amrit Varsha Havan: मीडिया प्रभारी श्रीमती कल्पना शुक्ला ने बताया कि 30 अक्टूबर को इस त्रिदिवसीय कथा का हवन एवं भोग-भंडारे के संग समापन हुआ, इस दौरान भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहें ।

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