पुणे: 3 अक्टूबर: Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने पुणे के वाडकी स्थित सिप्ला फार्मा एंड लाइफ साइंसेज लिमिटेड के कैरिंग एंड फॉरवर्डिंग (C&F) गोदाम के दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
विभाग ने यह कार्रवाई दवाओं के भंडारण, रिकॉर्ड, पैकेजिंग और वितरण से जुड़े कथित नियम उल्लंघनों के आधार पर की है। वहीं, सिप्ला ने FDA के फैसले को निराशाजनक बताते हुए कहा है कि उसका गोदाम दवा भंडारण और वितरण से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करता है।
रिएक्टिन प्लस से जुड़े मामले के बाद कार्रवाई
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: FDA की यह कार्रवाई अगस्त में हुई जांच के बाद सामने आई है। विभाग के अनुसार, 27 अगस्त को वाडकी स्थित गोदाम के निरीक्षण के दौरान रिएक्टिन प्लस टैबलेट से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आई थीं।
इनमें दवा की पैकेजिंग, भंडारण, दस्तावेजों के रखरखाव और बाजार से दवा वापस लेने की प्रक्रिया से जुड़ी कमियां शामिल थीं। रिएक्टिन प्लस शेड्यूल एच दवा है। FDA के अनुसार, इसकी पैकेजिंग पर ऐसे दावे किए गए थे, जो निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं थे।
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: मामले में पहले की कार्रवाई को अदालत के निर्देश के बाद वापस लिया गया और इसके बाद पूरी प्रक्रिया नए सिरे से शुरू की गई।
कंपनी को नोटिस और सुनवाई का मौका
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: FDA ने 4 सितंबर को सिप्ला को संशोधित कारण बताओ नोटिस जारी किया था। कंपनी ने 11 सितंबर को अपना लिखित जवाब दाखिल किया। इसके बाद 21 सितंबर को कंपनी को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया।
विभाग के मुताबिक, कंपनी के लिखित जवाब, सुनवाई के दौरान रखे गए पक्ष, निरीक्षण के निष्कर्ष, उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विचार करने के बाद आदेश जारी किया गया। यह आदेश 1 अक्टूबर को FDA पुणे के डिवीजन-3 के सहायक आयुक्त ने जारी किया।
FDA ने स्पष्ट किया कि यह पहले की कार्रवाई को दोहराने का मामला नहीं था, बल्कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया दोबारा पूरी करने के बाद लिया गया स्वतंत्र नियामकीय निर्णय था।
रिएक्टिन प्लस की पैकेजिंग पर क्या आपत्ति?
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: FDA के अनुसार, रिएक्टिन प्लस की पैकेजिंग पर इसे दर्द निवारक दवा के रूप में प्रचारित किया गया था। पैकेज पर सिरदर्द, मांसपेशियों के दर्द, कमर दर्द, जोड़ों के दर्द, मोच, शरीर के दर्द और दांत के दर्द में राहत जैसे दावे किए गए थे। इसके अलावा पैकेजिंग पर मानव आकृति का चित्र भी इस्तेमाल किया गया था।
विभाग ने इन दावों, शब्दों और चित्रों को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत मिसब्रांडिंग से जुड़ा मामला माना। FDA ने यह भी कहा कि दवा के विपणन और वितरण की जिम्मेदारी निभाने वाले प्रतिष्ठान की अपनी कानूनी जिम्मेदारियां होती हैं। केवल निर्माता की भूमिका का हवाला देकर इन जिम्मेदारियों से बचा नहीं जा सकता।
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: गोदाम में मिलीं ये कमियां
FDA ने निरीक्षण के दौरान गोदाम में कई अन्य कमियों का भी उल्लेख किया। इनमें—
- निर्धारित फॉर्म-35 की निरीक्षण पुस्तिका उपलब्ध नहीं होना।
- कुछ दवाओं के बॉक्स पर्याप्त पैलेट या रैक के अभाव में सीधे फर्श पर रखे मिलना।
- दवाओं के स्टॉक पर धूल जमा होना और साफ-सफाई में कमी।
- एक्सपायर्ड दवाओं के लिए अलग और स्पष्ट ‘एक्सपायरी-नॉट फॉर सेल’ क्षेत्र का अभाव।
- एक्सपायर्ड दवाओं के निपटारे की मानक प्रक्रिया और संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना।
- खरीद और बिक्री बिलों की डुप्लीकेट प्रतियों पर हस्ताक्षर तथा कंप्यूटर रिकॉर्ड में कमियां।
- कंप्यूटर/एसएपी रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर, जिसमें कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी शामिल थीं।
FDA ने कहा कि केवल SAP या किसी अन्य कंप्यूटर सिस्टम में रिकॉर्ड रखना कानूनी जिम्मेदारियों से छूट नहीं देता। लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान के लिए सही रिकॉर्ड, वास्तविक स्टॉक, सुरक्षित भंडारण, साफ-सफाई और निरीक्षण से जुड़े जरूरी दस्तावेजों का रखरखाव करना आवश्यक है।
FDA ने कहा- कार्रवाई का उद्देश्य दवा सुरक्षा सुनिश्चित करना
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: FDA आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ताजा कार्रवाई में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया है और कंपनी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया गया।
सिप्ला ने कहा- आदेश की समीक्षा कर रही कंपनी
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: सिप्ला ने कहा कि वह दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कंपनी ने वाडकी C&F गोदाम के संबंध में FDA के फैसले को निराशाजनक बताया।
कंपनी के अनुसार, उसका पुणे स्थित गोदाम दवा वितरण, भंडारण और डिजिटल रिकॉर्ड रखने से जुड़े नियमों के अनुसार काम करता है। सिप्ला ने कहा कि वह FDA के आदेश की समीक्षा कर रही है और आगे के उपलब्ध विकल्पों पर विचार करेगी।
Cipla ke Pune Godam par FDA ki Big Karvai: कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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