मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल

Children gaining strength of self-reliance
Children gaining strength of self-reliance

रायपुर, 27 जुलाई 2026: Children gaining strength of self-reliance: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को केवल विद्यालय तक सीमित न रखकर प्रत्येक बच्चे के जीवन में समान अवसर, सम्मान और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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Children gaining strength of self-reliance: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच है कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा

प्रदेश में समावेशी शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक आवश्यक सुविधाएं और सहायक उपकरण पहुंचाने का अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड संसाधन केंद्र गौरेला द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बालक अयांश को चलने-फिरने में सुविधा और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए वॉकर उपलब्ध कराया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच है कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब समाज का सबसे कमजोर और विशेष सहयोग की आवश्यकता रखने वाला व्यक्ति भी शासन की योजनाओं का समान रूप से लाभ प्राप्त करे।

अयांश को वॉकर उपलब्ध कराए जाने से उसके जीवन में नई उम्मीद का संचार हुआ है

Children gaining strength of self-reliance: इसी भावना के अनुरूप प्रदेश सरकार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सहायक उपकरण, पुनर्वास सेवाएं, विशेष शिक्षण, चिकित्सकीय सहयोग तथा अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

अयांश को वॉकर उपलब्ध कराए जाने से उसके जीवन में नई उम्मीद का संचार हुआ है। अब वह अधिक सहजता से चल-फिर सकेगा, विद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा सकेगा और अपने दैनिक कार्य भी पहले की अपेक्षा अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाएगा। उसकी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि शासन की छोटी-सी संवेदनशील पहल भी किसी परिवार के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।

Children gaining strength of self-reliance: इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन का संकल्प है कि कोई भी बच्चा अपनी शारीरिक चुनौतियों के कारण शिक्षा और विकास के अवसरों से वंचित न रहे। प्रत्येक

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की जरूरत के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराना, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना और आत्मनिर्भर बनाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि वॉकर जैसे सहायक उपकरण बच्चों के लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास, स्वाभिमान और स्वतंत्र जीवन की नई शुरुआत होते हैं।

Children gaining strength of self-reliance: ऐसे प्रयास बच्चों के शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को भी नई दिशा देते हैं।

अभिभावकों का परामर्श तथा नियमित अनुवर्ती सहयोग जैसे अनेक कार्य सतत रूप से संचालित किए जा रहे

Children gaining strength of self-reliance: प्रदेश में समावेशी शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरणों का वितरण, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षकों के माध्यम से शिक्षण, अभिभावकों का परामर्श तथा नियमित अनुवर्ती सहयोग जैसे अनेक कार्य सतत रूप से संचालित किए जा रहे हैं।

इन पहलों का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना तथा उसे समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जोड़ना है। कार्यक्रम में बीआरसी समन्वयक संतोष सोनी, फिजियोथेरेपिस्ट सुश्री प्राची पीटर्स, स्पेशल एजुकेटर राजेन्द्र साहू, बीआरपी प्रवीण कुमार चौधरी तथा अजय जोशी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Children gaining strength of self-reliance: सभी ने अयांश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित समावेशी शिक्षा की ऐसी संवेदनशील पहलें प्रदेश के हजारों विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के जीवन में आत्मविश्वास, स्वाभिमान और नई संभावनाओं का संचार करती रहेंगी।

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