CG विधानसभा में गूंजा वेदांता प्लांट हादसा, अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर उठे सवाल; कांग्रेस ने किया बहिर्गमन

0
1
cg vidhansabha
cg vidhansabha

रायपुर, 15 जुलाई ; हिन्द मित्र cg vidhansabha : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सक्ती जिले के सिंधी तराई स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस वेदांता प्लांट हादसा में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। यही वजह है कि कांग्रेस ने सदन में सरकार पर तीखा हमला बोला।

Table of Contents

उद्योग मंत्री ने सरकार की तरफ से रखा पक्ष 

cg vidhansabha : विपक्ष ने मामले की जांच, एफआईआर और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए।  इसके बाद उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सरकार की तरफ से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना लगातार जारी है। सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। हालांकि सरकार के इस जवाब से कांग्रेस विधायक बिल्कुल संतुष्ट नहीं हुए। नतीजतन नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मामले में सरकार को जमकर घेरा

cg vidhansabha : नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मामले में सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने पूछा कि एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है। इसके बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? सदन में यह सवाल गूंजता रहा कि 18 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं।

cg vidhansabha :  इसके अलावा महंत ने जांच की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या चेयरमैन को कोई समन जारी हुआ है? उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इस मामले की विवेचना में कोई अंदरूनी लेन-देन तो नहीं हुआ है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछे तीखे सवाल

cg vidhansabha :  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस चर्चा में शामिल होकर सरकार की मंशा पर उंगली उठाई। उन्होंने पूछा कि प्रदेश के औद्योगिक हादसों में अब तक कितने मालिकों पर एफआईआर हुई है? उन्होंने कोरबा के एक पुराने हादसे का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि तब चेयरमैन पर एफआईआर नहीं हुई थी, लेकिन इस बार उनका नाम शामिल है।

चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल दागे

cg vidhansabha :  दूसरी तरफ चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता अभी तक कई पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंची है। इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में दिया कार्रवाई का भरोसा

cg vidhansabha : उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि वेदांता प्लांट हादसा की जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है। कंपनी की तरफ से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये बांटे गए हैं।


Read Moreअदाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यूएशन में 74 प्रतिशत की छलांग, भारत की टॉप-4 रियल एस्टेट कंपनियों में बनाई जगह