नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। central banks : दुनिया के केंद्रीय बैंक अगले पांच गोल्ड रिजर्व में बढ़ाएंगे और इस दौरान कुल रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी में कमी देखने को मिलेगी। यह जानकारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की ओर से मंगलवार को जारी किए गए सर्वेक्षण में दी गई।
सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे
central banks : डब्ल्यूजीसी के सेंट्रल बैंक गोल्ड रिजर्व सर्वे 2026 में बताया गया कि 2026 में 84 प्रतिशत केंद्रीय बैंकों का मानना है कि अगले पांच वर्षों में उनके कुल रिजर्व में गोल्ड की हिस्सेदारी बढ़ेगी। पिछले साल यह आंकड़ा 76 प्रतिशत पर था। डब्ल्यूजीसी के इस सर्वेक्षण में दुनिया के 73 केंद्रीय बैंक शामिल हैं, जिसमें से 17 विकसित अर्थव्यवस्थाओं और 56 विकाशील अर्थव्यवस्थाओं से हैं।
पांच वर्षों में डॉलर की हिस्सेदारी कुल रिजर्व में कम होगी
central banks : डब्ल्यूजीसी के सर्वेक्षण में 74 प्रतिशत उत्तदाताओं ने कहा कि अगले पांच वर्षों में डॉलर की हिस्सेदारी कुल रिजर्व में कम होगी। वहीं, 15 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कोई बदलाव होगा। वहीं, 11 प्रतिशत ने कहा कि डॉलर की हिस्सेदारी रिजर्व में बढ़ेगी।
डॉलर वैश्विक स्तर पर रिजर्व करेंसी बना रहेगा
central banks : हालांकि,उत्तदाताओं ने कहा कि डॉलर वैश्विक स्तर पर रिजर्व करेंसी बना रहेगा। सर्वेक्षण के मुताबिक, 89 प्रतिशत उत्तदाताओं का मानना है कि अगले 12 महीनों में वैश्विक केंद्रीय बैंक गोल्ड की हिस्सेदारी अपने रिजर्व में बढ़ाएंगे। वहीं, 11 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में गोल्ड रिजर्व बढ़ाएगा
central banks : सर्वेक्षण में जब पूछा गया कि क्या उनका केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में गोल्ड रिजर्व बढ़ाएगा तो 45 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। वहीं, 54 प्रतिशत ने कहा कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। एक प्रतिशत गिरावट के पक्ष में थे। इससे पहले डब्ल्यूजीसी की ओर से जारी किए गए आंकड़ों में बताया गया था कि मई में केंद्रीय बैंकों ने 20 टन सोना खरीदा है, जो कि अप्रैल के 16 टन से अधिक है।
वैश्विक स्तर पर अस्थिरता
central banks : हालांकि, बीते 12 महीने के औसत 27 टन से कम है। डब्ल्यूजीसी ने कहा कि सोने में खरीदारी की वजह वैश्विक स्तर पर अस्थिरता है। इसके चलते केंद्रीय लगातार अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं। –आईएएनएस एबीएस
Read More : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों को मिली स्वीकृति
#छत्तीसगढ, #मध्यप्रदेश #महाराष्ट्र, #उत्तर प्रदेश, #बिहार
(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)














