बिलासपुर;17 जुलाई । bilaspur hua pani pani : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शुक्रवार को हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। पिछले दो दशकों में पहली बार शहर में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले हैं। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से सड़कें, कॉलोनियां, बाजार और निचले इलाके पानी में डूब गए। कई घरों में पानी घुस गया, बिजली व्यवस्था चरमरा गई, रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए और स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।
हालात इतने गंभीर हो गए कि कई स्थानों पर एसडीआरएफ की टीम को नावों के जरिए लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा। इस भारी बारिश ने नगर निगम की बरसात पूर्व तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी।
bilaspur hua pani pani : नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, जिसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ा।
शहर के हर हिस्से में जलभराव, जनजीवन पूरी तरह प्रभावित

bilaspur hua pani pani : गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक लगातार जारी रही। पूरी रात हुई तेज बारिश के कारण शहर के लगभग सभी प्रमुख मार्गों और मोहल्लों में पानी भर गया। कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर ही समाप्त हो गया, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकंडा, चांटीडीह, सिरगिट्टी, देवरीखुर्द, मानिकपुर, दोमुहानी, बंधवापारा सहित कई निचले इलाकों में घरों के भीतर तक पानी पहुंच गया। अनेक परिवारों को पूरी रात पानी के बीच गुजारनी पड़ी। कई स्थानों पर लोग घरों की छतों और ऊपरी मंजिलों में शरण लेने को मजबूर हुए।
सिरगिट्टी में कच्चे मकानों में घुसा पानी, लोगों में नाराजगी
bilaspur hua pani pani : सिरगिट्टी के वार्ड क्रमांक-12 में दर्जनों कच्चे मिट्टी के मकानों में बारिश का पानी भर गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि गर्मी के मौसम में कई बार नगर निगम से बरसाती पानी की निकासी के लिए नालों की सफाई और नई व्यवस्था की मांग की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बारिश के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था कर दी जाती तो इतनी बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं होती।
कलेक्टर और निगम कमिश्नर ने संभाला मोर्चा

bilaspur hua pani pani : हालात बिगड़ने पर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल और नगर निगम कमिश्नर प्रवेश सर्वे स्वयं छाता लेकर शहर के विभिन्न जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने राजस्व विभाग, नगर निगम, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि निचली बस्तियों में विशेष सतर्कता बरती जाए।
कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने पर मिलेगी सरकारी राहत
bilaspur hua pani pani : बारिश के कारण कई स्थानों पर कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। इस संबंध में कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके प्रकरण आरबीसी 6(4) के तहत तत्काल तैयार किए जाएं ताकि पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
राजस्व अधिकारियों को क्षति का सर्वेक्षण कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
bilaspur hua pani pani : एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू
लगातार जलभराव के चलते कई इलाकों में लोग अपने घरों में फंस गए। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र सहित कई स्थानों पर एसडीआरएफ की टीम ने नावों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। दो मुहानी क्षेत्र में दस से अधिक घर पूरी तरह पानी से घिर गए और टापू जैसी स्थिति बन गई। वहां फंसे परिवारों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन पूरी रात सक्रिय रहा। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी घुसा पानी
bilaspur hua pani pani : बारिश की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया। नगर निगम की टीम को वहां जल निकासी के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी। इससे शहर की जल निकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई।
बिजली और पेयजल व्यवस्था चरमराई
bilaspur hua pani pani : शहर के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जलमग्न हो गए, जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में लंबे समय तक ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। बिजली बंद होने के कारण पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ा। नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें बिजली एवं जलापूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं।
स्कूलों में अवकाश घोषित
bilaspur hua pani pani : भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शहर के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। कई निजी विद्यालयों ने भी ऑनलाइन सूचना जारी कर बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी।
रेलवे ट्रैक डूबे, पांच मेमू ट्रेनें रद्द
bilaspur hua pani pani : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में लगातार बारिश के कारण रेलवे स्टेशन और यार्ड में ट्रैक पानी में डूब गए। इसके चलते रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पांच मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया, जबकि तीन ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से किया गया।
रद्द की गई ट्रेनें
- 68734 बिलासपुर-कोरबा मेमू
- 68733 कोरबा-बिलासपुर मेमू
- 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू
- 68746 रायपुर-बिलासपुर मेमू
- 68745 बिलासपुर-रायपुर मेमू
आंशिक रूप से संचालित ट्रेनें
- 68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू को चांपा स्टेशन पर समाप्त किया गया।
- 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू अब चांपा से रवाना होगी।
- 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू को दाधापारा स्टेशन से वापस रायपुर भेजा गया।
bilaspur hua pani pani : रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रैक से पानी हटने और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही नियमित परिचालन बहाल किया जाएगा।
बिलासपुर–मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
bilaspur hua pani pani : बिलासपुर–मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर चार से पांच फीट तक पानी बहने लगा। सुरक्षा कारणों से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया।इसी तरह कोटमी सोनार स्थित लीलागर नदी के पुल के ऊपर से भी तेज बहाव के साथ पानी गुजरने लगा, जिसके कारण प्रशासन ने इस मार्ग को भी एहतियातन बंद कर दिया।
अरपा चेक डैम की नहर टूटी, कई गांवों में घुसा पानी
bilaspur hua pani pani : लगातार बारिश के कारण मानिकपुर के पास अरपा चेक डैम की नहर टूट गई, जिससे देवरीखुर्द, मानिकपुर और आसपास के कई इलाकों में तेज गति से पानी फैल गया। नहर टूटने के बाद अनेक घर जलमग्न हो गए और गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। प्रशासन ने तत्काल राहत दल भेजकर हालात पर नियंत्रण की कोशिश शुरू की।
1993-94 जैसी स्थिति की यादें हुईं ताजा
bilaspur hua pani pani : स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की बारिश ने 1993-94 की भीषण बाढ़ की यादें ताजा कर दी हैं। शहर में लंबे समय बाद इतने बड़े स्तर पर जलभराव देखने को मिला है। कई वरिष्ठ नागरिकों के अनुसार पिछले करीब 20 वर्षों में पहली बार बिलासपुर इस तरह पानी में डूबा दिखाई दिया।
जिले में 24 घंटे में 74.7 मिमी औसत वर्षा
bilaspur hua pani pani : मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में बिलासपुर जिले में औसतन 74.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
सबसे अधिक वर्षा सीपत में 110.2 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा का आंकड़ा इस प्रकार रहा—
- सीपत – 110.2 मिमी
- मस्तूरी – 96.2 मिमी
- सकरी – 95.4 मिमी
- बिलासपुर तहसील – 90.0 मिमी
- तखतपुर – 83.4 मिमी
- रतनपुर – 80.4 मिमी
- पचपेड़ी – 72.5 मिमी
- बोदरी – 67.3 मिमी
- बिल्हा – 67.0 मिमी
- कोटा – 47.2 मिमी
- बेलतरा – 46.0 मिमी
- बेलगहना – 41.2 मिमी
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से अब तक जिले में 325.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले दस वर्षों के औसत का लगभग 92.4 प्रतिशत है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
bilaspur hua pani pani : जिला प्रशासन ने लगातार बारिश और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि
- उफनते नदी-नालों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
- बच्चों को नदी, नालों और पुल-पुलियों के आसपास न जाने दें।
- जर्जर एवं क्षतिग्रस्त मकानों में रहने से बचें।
- मकान क्षतिग्रस्त होने या जलभराव की स्थिति बनने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन और राजस्व अमले को सूचना दें।
नगर निगम की तैयारियों पर उठे सवाल
bilaspur hua pani pani : इस पूरी घटना ने एक बार फिर नगर निगम की मानसून पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर वर्ष बरसात से पहले नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बड़ी बारिश में शहर के अधिकांश हिस्से पानी में डूब गए।
अब नागरिक उम्मीद कर रहे हैं कि राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि हर मानसून में शहर को इसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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