मालव्य राजयोग में लक्ष्मी कृपा के लिए शुक्रवार का उपाय दिलाएगा सुख-समृद्धि और धन-धान्य

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malavya rajyog
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नई दिल्ली 14 सितंबर ।  malavya rajyog : वैदिक ज्योतिष के अनुसार मालव्य योग पंच महापुरुष योगों में से एक है। यह तब बनता है जब शुक्र_ग्रह केंद्र भावों (1, 4, 7 या 10) में अपनी स्वराशि (वृषभ/तुला) या उच्च राशि (मीन) में स्थित हो। यह योग जातक को आकर्षक व्यक्तित्व, ऐश्वर्य, विलासिता, कला-प्रतिभा, सुखद वैवाहिक जीवन और भौतिक समृद्धि प्रदान करता है।

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मालव्य राजयोग कब बनता है ?

malavya rajyog : मालव्य राजयोग वैदिक ज्योतिष का एक बेहद शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है. यह योग तब बनता है जब शुक्र ग्रह अपनी ही राशि वृषभ या तुला में या अपनी उच्च राशि मीन में होकर जन्म कुंडली के केंद्र भाव (पहला, चौथा, सातवां या दसवां घर) में स्थित होता है

आपकी कुंडली में इस योग के होने से आपका विवाह एक प्रेमपूर्ण और सहयोगी परिवार में होगा। आपका वैवाहिक जीवन बहुत सफल रहेगा। यह योग आपको रोजमर्रा की जिंदगी में साफ-सुथरा रहने के लिए प्रेरित करता है क्योंकि इसका आप पर चिकित्सीय प्रभाव पड़ता है। मालव्य योग आपको दूसरों की नजरों में करिश्माई, आकर्षक और प्रभावशाली बनाता है।

ज्योतिष में मालव्य योग का क्या फल होता है ?

malavya rajyog : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मालव्य महापुरुष योग का निर्माण शुक्र ग्रह से होता है। शुक्र वृषभ और तुला राशि के स्वामी हैं, जबकि मीन उनकी उच्च राशि मानी जाती है। जब शुक्र वृषभ, तुला या मीन राशि में स्थित होकर कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या दशम भाव में विराजमान हों, तब मालव्य महापुरुष योग का निर्माण होता है।

malavya rajyog : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग से प्रभावित जातक आकर्षक व्यक्तित्व, सुंदर चेहरे, ऊंची नाक और मजबूत शरीर वाले होते हैं। ऐसे जातक गुणवान, तेजस्वी और विद्वान होते हैं तथा शास्त्रों के भाव को समझने की क्षमता रखते हैं। इन्हें धन, संपत्ति, वाहन, भवन और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। इनका दांपत्य जीवन भी सुखमय रहने की मान्यता है और जीवनसाथी गुणवती होता है।

मालव्य योग वाले जातकों का झुकाव कला और रचनात्मक कार्यों की ओर अधिक

malavya rajyog : मालव्य योग वाले जातकों का झुकाव कला और रचनात्मक कार्यों की ओर अधिक रहता है। माता लक्ष्मी की विशेष कृपा से इन्हें सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होने की मान्यता है। ऐसे जातक उत्साही, चतुर, त्यागी और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले होते हैं। युद्ध और राजनीति जैसे क्षेत्रों में भी निपुणता हासिल कर सकते हैं।

malavya rajyog : ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ऐसे जातक फैशन, कला, सौंदर्य प्रसाधन, लेखन, कविता, नाटक, शिक्षण और सामाजिक कार्यों जैसे क्षेत्रों में सफलता और प्रसिद्धि प्राप्त कर सकते हैं। इनके जीवन में स्त्री, पुत्र, वाहन, भवन और संपत्ति से जुड़े सुखों की भी प्राप्ति होने की मान्यता है। कुछ ज्योतिषीय ग्रंथों में इनकी आयु औसतन 70 से 77 वर्ष तक बताई गई है।


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malavya rajyog : मालव्य राजयोग में लक्ष्मी कृपा के लिए करें यह उपाय

11 सितंबर शुक्रवार से लेकर 6 नवंबर शुक्रवार, दीपावली तक मालव्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष में इस राजयोग को विशेष और शुभ माना गया है। इस दौरान प्रत्येक शुक्रवार को माता लक्ष्मी को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं और ब्राह्मणों को भोजन कराएं। मान्यता है कि ऐसा करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, समृद्धि एवं धन-धान्य की वृद्धि होती है।       प्रशांत शेखर