9 अगस्त का पंचांग: कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु व शिव की पूजा करना फलदाई, दोपहर 12:06 से 12:58 तक अभिजीत मुहूर्त

0
6
9 august ka panchang
9 august ka panchang

नई दिल्ली 8 अगस्त । 9 august ka panchang : हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 9 अगस्त 2026 को (रविवार) श्रावण माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि (कामिका एकादशी) सुबह 11:05 बजे तक है।

Table of Contents

कामिक एकादशी फलदाई माना जाता

9 august ka panchang : इसके बाद द्वादशी लग जाएगी। कामिक एकादशी होने की वजह से इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना फलदाई माना जाता है। सावन की वजह से भगवान शिव की पूजा करना उत्तम माना जाता है। रविवार को सुबह 6:04 बजे सूर्योदय और शाम 7:00 बजे सूर्यास्त होगा।

रात 01:53 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 04:15 बजे चंद्रास्त

9 august ka panchang : वहीं, रात 01:53 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 04:15 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 2:43 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र लग जाएगा।

रविवार को हर्षण योग रहेगा

9 august ka panchang : रविवार को पूरे दिन हर्षण योग रहेगा। इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:58 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा।

राहुकाल दोपहर 05:23 बजे से शाम 7:00 बजे तक

9 august ka panchang : वहीं, राहुकाल दोपहर 05:23 बजे से शाम 7:00 बजे और गुलिक काल सुबह 3:46 से दोपहर 5:23 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 12:32 से 2:09 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा

9 august ka panchang : रविवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेगा। पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।


Read Moreबाबा महाकाल का भस्म से शृंगार; बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद, जयकारों की गूंज