रायपुर, 4 अगस्त । bijli sasti : प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विद्युत कंपनी के द्वारा बिजली के दाम नही बढ़ने और बिजली सस्ती होने का दावा जनता के कटे पर नमक छिड़कने वाला है। ढाई साल में भाजपा की सरकार ने बिजली के दाम में 5 बार बढ़ोतरी किया है। 400 यूनिट हाफ योजना बंद कर दिया उसके बाद यह कहना कि बिजली सस्ती हो गयी यह बताता है कि भाजपा सरकार और बिजली कंपनी प्रदेश की जनता को मुर्ख समझती है।
बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
bijli sasti : प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी जून की तुलना में जुलाई में 30 प्रतिशत कम बिजली खपत का दावा कर रही है, जबकि पिछले आठ महीनों से उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगातार 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी को पिछले आठ माह के बिजली बिलों का विस्तृत विश्लेषण सार्वजनिक करना चाहिए।
शुक्ला ने लगाया आरोप पांचवीं बार बिजली दरें बढ़ाई गई
bijli sasti : शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू, गैर-घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में फिर वृद्धि की है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह पांचवीं बार बिजली दरें बढ़ाई गई हैं और अब तक कुल 31.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में बिजली दरों में केवल 2 पैसे की वृद्धि की थी और उस समय 400 यूनिट तक ‘बिजली बिल हाफ’ योजना लागू थी।
‘बिजली बिल हाफ’ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर प्रमुख कारण
bijli sasti : उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को तीन से चार गुना तक बिजली बिल मिल रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटरों में अधिक रीडिंग दर्ज होने तथा उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंध भार (लोड) बढ़ाए जाने से भी बिजली बिल बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिक बिल आने के पीछे बिजली दरों में वृद्धि, ‘बिजली बिल हाफ’ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटर प्रमुख कारण हैं।
400 यूनिट बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाए
bijli sasti : प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस मांग करती है कि बिजली के दाम घटाये जाये, 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना लागू की जाए। स्मार्ट मीटर वापस लिया जाए।
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