नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। kya aap bacche : हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक करना और माताओं को सही जानकारी देना है। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ स्तनपान कराना ही नहीं, बल्कि सही पोजीशन में बच्चे को दूध पिलाना भी बेहद जरूरी है। इससे मां और बच्चे दोनों को कई फायदे मिलते हैं।
सही ब्रेस्टफीडिंग पोजीशन अपनाने से बच्चे को पर्याप्त दूध मिल
पोजीशन खासतौर पर नवजात शिशुओं के लिए काफी मददगार
kya aap bacche : स्तनपान के लिए कई तरह की पोजीशन अपनाई जा सकती हैं। क्रैडल होल्ड सबसे आम तरीका है, जिसमें बच्चा मां की बांह पर आराम से लेटा रहता है और उसका सिर मां की कोहनी के पास होता है। क्रॉस-क्रैडल होल्ड में मां दूसरी बांह से बच्चे के सिर और गर्दन को सहारा देती है। यह पोजीशन खासतौर पर नवजात शिशुओं के लिए काफी मददगार मानी जाती है।
लेड-बैक पोजीशन भी काफी लोकप्रिय
kya aap bacche : इसके अलावा लेड-बैक पोजीशन भी काफी लोकप्रिय है। इसमें मां हल्का पीछे की ओर टिककर बैठती है और बच्चा उसके सीने पर लेटकर खुद ही स्तन पकड़ने की कोशिश करता है। यह तरीका बच्चे की प्राकृतिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देता है।
साइड-लाइंग पोजीशन बेहतर विकल्प
kya aap bacche : अगर मां को आराम की जरूरत हो, खासकर रात के समय या सिजेरियन डिलीवरी के बाद, तो साइड-लाइंग पोजीशन बेहतर विकल्प हो सकती है। इसमें मां और बच्चा दोनों एक-दूसरे की ओर करवट लेकर लेटते हैं और आराम से स्तनपान कराया जा सकता है। वहीं रिक्लाइनिंग पोजीशन में मां आधी लेटी हुई अवस्था में रहती है और बच्चा उसके सीने से सटा होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर मां और बच्चे की जरूरत अलग होती है। इसलिए कोई एक पोजीशन सभी के लिए सही नहीं होती। जो तरीका मां और बच्चे दोनों के लिए सबसे आरामदायक हो, वही अपनाना चाहिए।
स्तनपान कराने में किसी की परेशानी हो तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से सलाह लें
kya aap bacche : यदि स्तनपान कराने में किसी तरह की परेशानी हो, जैसे बच्चे का सही तरीके से दूध न पीना, दर्द होना या दूध कम आना, तो बिना झिझक अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टर या स्तनपान सलाहकार से सलाह लें। –आईएएनएस पीआईएम/वीसी
Read More : 3 अगस्त का पंचांग: सावन के पहले सोमवार पर करें भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा, शाम 5:07 से 6:44 तक अमृत काल
#छत्तीसगढ, #मध्यप्रदेश #महाराष्ट्र, #उत्तर प्रदेश, #बिहार
(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)














