ग्लासगो, 2 अगस्त (आईएएनएस)। bas khud par vishwas rakha : ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन भारतीय मुक्केबाजों का जलवा रहा। इस खेल से देश की झोली में कुल 10 मेडल आए, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। गोल्ड जीतने वाले मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कहा कि उन्होंने फाइनल मैच के दौरान खुद पर विश्वास रखा, जिसका फायदा उन्हें मिला।
गोल्ड मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा
bas khud par vishwas rakha : अंकुश ने कहा कि “गोल्ड मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है, हालांकि पहले बाउट में 0-5 से पीछे हो गया था, तो दबाव आ गया था कि कैसे भी करके बाउट लेनी है। बस खुद के ऊपर विश्वास रखा और सब हो गया। परिवार से बात हुई थी और सभी काफी खुश है। मैं अपना यह मेडल परिवार और अपने कोच को समर्पित करना चाहता हूं।
एशियन गेम्स में अच्छा करूंगा
bas khud par vishwas rakha : यहां जीतकर आत्मविश्वास काफी बढ़ा है और एशियन गेम्स में और भी अच्छा करूंगा।” महिला मुक्केबाज लवलीना को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। उन्होंने ने बताया, “थोड़ी निराशा जरूर है। मैंने गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश की, लेकिन मैं सिल्वर मेडल से भी खुश हूं, क्योंकि हमारी टीम ने गेम्स में जबरदस्त प्रदर्शन किया।
टीम के प्रदर्शन की ज्यादा खुशी
bas khud par vishwas rakha : मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन की ज्यादा खुशी है। यह मेरा कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल है, तो इसकी भी मुझे काफी खुशी है। देश के लिए गोल्ड ला पाती तो और अच्छा होता। मैं एशियन गेम्स के लिए तैयारी करूंगी और वहां गोल्ड जीतने का प्रयास करूंगी।” लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ित लोगों को समर्पित किया। 90 प्लस कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने वाले नरेंदर ने कहा, “मैंने अपना बेस्ट प्रदर्शन किया।
साउथ का मुक्केबाज था और हम जो प्लानिंग करके आए थे
bas khud par vishwas rakha : यह साउथ का मुक्केबाज था और हम जो प्लानिंग करके आए थे उसमें थोड़ी कसर रह गई। यह मुक्केबाज भागकर ज्यादा खेल रहा था, जिसके कारण उसको पकड़ना मुश्किल हो रहा था। इस मैच को हारने की कमी मैं एशियन गेम्स में पूरी करूंगा।” गोल्ड मेडल अपने नाम करने वाले मुक्केबाज सचिन सिवाच ने बताया कि दो राउंड में पीछे होने के बाद उनके पास कोई चारा नहीं था और इसी कारण वह आगे बढ़कर विपक्षी मुक्केबाज पर अटैक कर रहे थे।
मुझे विश्वास था कि मैं जीत सकता हूं
bas khud par vishwas rakha : उन्होंने बताया, “पहले दो राउंड में 2-3 से हार गया था और मेरे पास सिर्फ आखिरी राउंड का चांस था। आगे बढ़ने के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं था, तो इसी वजह से मैं आगे बढ़कर मार रहा था। मुझे विश्वास था कि मैं जीत सकता हूं और वैसा ही हुआ।
Read More : क्या आप बच्चे को सही तरीके से करा रही है स्तनपान? जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय की राय
#छत्तीसगढ, #मध्यप्रदेश #महाराष्ट्र, #उत्तर प्रदेश, #बिहार
(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)














