
भुवनेश्वर, 16 जुलाई 2026 । Jagannath Rath Yatra 2026: ओडिशा के पवित्र शहर पुरी में गुरुवार को सालाना रथ यात्रा उत्सव के दौरान हुई जोरदार बारिश भी लाखों श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी और वे पूरी तरह भक्ति में डूबे रहे।
Jagannath Rath Yatra 2026: भक्त ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरि बोल’ के नारे लगाते हुए और खुशी में झूमते हुए देखे गए
लगातार हो रही बारिश के बावजूद, ‘बड़ा डंडा’ (ग्रैंड रोड) पर जमा भक्त छातों की कतार के बीच ‘जय जगन्नाथ’ और ‘हरि बोल’ के नारे लगाते हुए और खुशी में झूमते हुए देखे गए। दुनिया भर में मशहूर सालाना रथ यात्रा का त्योहार, तय समय से पहले ही दिव्य भाई-बहनों और दूसरे देवी-देवताओं की पारंपरिक रस्म के साथ शुरू हुआ।
इस रस्म के दौरान, पवित्र भाई-बहनों और दूसरे देवी-देवताओं को 12वीं सदी के श्री जगन्नाथ मंदिर से उनके सजाए गए रथों तक एक भव्य जुलूस में ले जाया गया।
Jagannath Rath Yatra 2026: इस दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे घंटा (गोंग), काहली (ट्रम्पेट) और तेलिंगी बाजा आदि की मनमोहक और दिव्य ध्वनि गूंज रही थी।
कलाकारों ने गुंडिचा मंदिर की नौ दिन की यात्रा के लिए देवी-देवताओं का स्वागत किया

Jagannath Rath Yatra 2026: पवित्र वैदिक मंत्रों का जाप करते पुजारियों और मनमोहक नृत्य पेश करने वाले पारंपरिक ओडिसी कलाकारों ने गुंडिचा मंदिर की नौ दिन की यात्रा के लिए देवी-देवताओं का स्वागत किया।
हालांकि, रस्में तय समय से पहले शुरू हो गई थीं, लेकिन गुरुवार को उनके पूरा होने में दो घंटे से ज्यादा की देरी हुई। रस्म पूरी होने के बाद, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने अपने शिष्यों के साथ रथों पर सवार पवित्र भाई-बहनों की पूजा की।
बाद में, भगवान जगन्नाथ के पहले सेवक, पुरी के राजा गजपति महाराजा दिव्य सिंह देव ने देवी-देवताओं की पूजा की और सोने की झाड़ू से रस्मी सफाई की।
Jagannath Rath Yatra 2026: जिला प्रशासन और राज्य आवास एवं शहरी विकास विभाग ने शहर में पानी जमा होने वाले इलाकों से बारिश का पानी तेजी से निकालने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
विभागों ने भी रथ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के शहर में व्यापक इंतजाम किए
Jagannath Rath Yatra 2026: इसके अलावा, जिला प्रशासन, पुलिस और दूसरे विभागों ने भी इस साल रथ यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए शहर में व्यापक इंतजाम किए हैं।
त्योहार के दौरान सुरक्षा इंतजामों के लिए 13,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है।
तटीय रास्ते से किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि पर नजर रखने के लिए भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना भी अलर्ट पर हैं।
Jagannath Rath Yatra 2026: दूसरी ओर, सुरक्षा इंतजामों की देखरेख के लिए 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। –आईएएनएस डीकेएम/एबीएम
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