मथुरा, 7 जुलाई (आईएएनएस)। chanda chori : राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंदा चोरी मामले के बाद मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं। इसी बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी ने मंदिर ट्रस्टों के कामकाज में अधिक पारदर्शिता, कड़ी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंदिर सुरक्षा पर जोर, सीसीटीवी व्यवस्था मजबूत करने की वकालत
chanda chori : उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आधुनिक निगरानी व्यवस्था, विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरों का व्यापक उपयोग किया जाना चाहिए। दिनेश फलाहारी ने आईएएनएस से बातचीत में मंदिर ट्रस्ट की हालिया बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
ईमानदार और निष्पक्ष लोगों को मिले ट्रस्ट में जिम्मेदारी
chanda chori : अब ट्रस्ट में ऐसे लोगों की नियुक्ति की जानी चाहिए जिनकी कार्यशैली पर किसी प्रकार का सवाल न उठे और जिनकी ईमानदारी तथा निष्पक्षता पर सभी को भरोसा हो। मंदिर ट्रस्टों में पारदर्शिता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। यदि निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी तो चंदा चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
राम मंदिर दान की सुरक्षा पर जोर
chanda chori : मंदिरों में आने वाला दान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है, इसलिए उसके उपयोग और सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। दिनेश फलाहारी ने कहा कि यदि चंदा चोरी जैसी घटनाओं को नहीं रोका गया तो उन लोगों को अनावश्यक रूप से आरोप लगाने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने पहले से ही राम मंदिर का विरोध किया है।
ट्रस्ट का संचालन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए
chanda chori : ऐसी परिस्थितियां नहीं बननी चाहिए जिनका राजनीतिक या वैचारिक लाभ उठाया जा सके। इसलिए ट्रस्ट का संचालन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर परिसर और ट्रस्ट कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से व्यापक निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि प्रत्येक गतिविधि का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे। कई बार कुछ गलत प्रवृत्ति के लोगों की वजह से पूरे संगठन की छवि खराब होती है।
राम मंदिर चंदा मामला: जांच जारी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
chanda chori : इसलिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम हो और संगठन की प्रतिष्ठा बनी रहे। मामले की जांच को लेकर दिनेश फलाहारी ने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और जो भी दोषी होगा, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अपराध करने वाला व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून अपना काम करेगा और दोषी को जेल जाना ही पड़ेगा। –आईएएनएस पीएसके
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)














