भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 1 अरब डॉलर बढ़कर 672.5 अरब डॉलर पहुंचा, गोल्ड रिजर्व में जोरदार बढ़ोतरी

Rise in Forex Reserve of India
Rise in Forex Reserve of India

मुंबई, 26 जून 2026 । Rise in Forex Reserve of India: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जून को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 96.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 672.587 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिससे पिछले सप्ताह दर्ज की गई गिरावट की भरपाई हो गई है।

Table of Contents

Rise in Forex Reserve of India: भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य 4.11 अरब डॉलर बढ़कर 107.930 अरब डॉलर हो गया

समीक्षा अवधि के दौरान भारत के स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) का मूल्य 4.11 अरब डॉलर बढ़कर 107.930 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर) होल्डिंग 5.2 करोड़ डॉलर घटकर 18.647 अरब डॉलर रह गई।

इससे पहले रिपोर्टिंग सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट दर्ज की गई थी। हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में शामिल है।

Rise in Forex Reserve of India: हालांकि, यह अभी भी 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में दर्ज किए गए 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा था।

दौरान रुपए को सहारा देने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया था

Rise in Forex Reserve of India: उस दौरान रुपए को सहारा देने के लिए आरबीआई ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया था। इस बीच, आरबीआई ने इस सप्ताह विदेशी मुद्रा गैर-निवासी बैंक (एफसीएनआर-बी) जमा से जुड़े परिचालन पहलुओं पर स्पष्टीकरण जारी किया।

यह स्पष्टीकरण बैंकों द्वारा एफसीएनआर-बी जमा जुटाने और उससे संबंधित ऋण गतिविधियों को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में दिया गया।

आरबीआई ने स्पष्ट किया कि बैंक एफसीएनआर-बी खाताधारकों को लोन भी दे सकते हैं और इन जमाओं पर लियन (गिरवी अधिकार) भी बना सकते हैं। इससे बैंकों को अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) से विदेशी मुद्रा जमा जुटाने में अधिक परिचालन लचीलापन मिलेगा।

आरबीआई बैंकों को साधारण खरीद-बिक्री विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा उपलब्ध कराएगा

Rise in Forex Reserve of India: केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि यदि बैंकों ने विशेष योजना के तहत कम से कम तीन वर्ष की मूल अवधि वाली नई और पात्र एफसीएनआर-बी जमाएं जुटाई हैं, तो वे तीन वर्ष से कम अवधि वाले विदेशी मुद्रा स्वैप भी कर सकेंगे।

इस व्यवस्था के तहत आरबीआई बैंकों को साधारण खरीद-बिक्री (प्लेन बाय-सेल) विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा उपलब्ध कराएगा। यह सुविधा केवल जमा की मूल राशि पर लागू होगी और इसमें ब्याज की राशि शामिल नहीं होगी।

Rise in Forex Reserve of India: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एफसीएनआर-बी जमा पर बढ़ी हुई ब्याज दरें, आरबीआई की स्वैप सुविधा और परिचालन संबंधी स्पष्टताओं के चलते आने वाले हफ्तों में अनिवासी भारतीयों से निवेश और विदेशी मुद्रा प्रवाह में तेजी देखने को मिल सकती है। –आईएएनएस डीबीपी

Read More : वेनेजुएला भूकंप: भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, कार्यवाहक राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को कहा धन्यवाद