मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला, भोपाल मेट्रो समेत 13,800 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी

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भोपाल, 9 जून (आईएएनएस)। mp cabinet bade faisle : मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में मध्य प्रदेश के बुनियादी ढांचे, तकनीकी विकास और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 800 करोड़ रुपए की स्वीकृति के साथ कई बड़े एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है।

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भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार

mp cabinet bade faisle : बैठक में भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित कुल लागत और अतिरिक्त वित्त पोषण को मिलाकर 13,565.84 करोड़ रुपए की पुनरीक्षित राशि की स्वीकृति दी गई। अब भोपाल शहर के यातायात नेटवर्क को बड़ा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही राज्य में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों 2026-2031 के लिए आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं और कार्य योजना के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

कपास पर मंडी फीस की दर घटा

mp cabinet bade faisle : कृषि और व्यापार जगत को गति देने के लिए मंत्रिपरिषद ने कपास पर मंडी फीस की दर को 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जिससे स्थानीय जिनिंग मिलों को मजबूती मिलेगी और रोजगार बढ़ेगा। किसान हित में सामान्य मंडी शुल्क को एक रुपये से बढ़ाकर एक रुपए 50 पैसे किया गया है।

मार्कफेड को 8,600 करोड़ रुपए की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति

mp cabinet bade faisle : शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली 500 करोड़ रुपए की अनुमानित अतिरिक्त आय का उपयोग सीधे किसान सड़क निधि और कृषि अनुसंधान के विकास में किया जाएगा। आगामी रबी और खरीफ विपणन सत्रों में फसलों के सुचारू उपार्जन को सुनिश्चित करने के लिए एमपीएससीएससी और मार्कफेड को 8,600 करोड़ रुपए की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति देने की भी बड़ी मंजूरी दी गई है।

mp cabinet bade faisle : यह फैसले प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक उन्नति की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगे। मंत्रिपरिषद ने भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की मूल लागत 6,941.40 करोड़ में 3,092.22 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत जोड़कर संशोधित कुल लागत 10,033.62 करोड़ रुपए के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की है।

mp cabinet bade faisle : मंत्रिपरिषद ने इसके अतिरिक्त उद्योग के स्वीकृत मानदंडों के अनुसार परियोजना के लिए अतिरिक्त वित्त पोषण के लिए 3,532 करोड़ 22 लाख रुपए की भी स्वीकृति प्रदान की है।

महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए हजारों करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति

mp cabinet bade faisle : इसमें भारत शासन और राज्य शासन द्वारा 995 करोड़ 9 लाख रुपए की अतिरिक्त इक्विटी और केन्द्रीय करों के लिए 84 करोड़ 54 लाख रुपए का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण, वित्तपोषण एजेंसी बैंकों से ऋण निधि के विरुद्ध 1,620 करोड़ 64 लाख रुपये का अतिरिक्त पीटीए/आंतरिक ऋण, मध्य प्रदेश शासन से भूमि की लागत और पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए 138 करोड़ 38 लाख रुपए का अतिरिक्त अधीनस्थ ऋण तथा मध्य प्रदेश शासन से राज्य करों के लिए 446 करोड़ 35 लाख रुपए एवं आईडीसी की लागत के लिए 246 करोड़ 41 लाख रुपए का अतिरिक्त अनुदान शामिल है।

आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान

mp cabinet bade faisle : मंत्रिपरिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 235 करोड़ 63 लाख रुपए की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार राज्य आईटी संवर्ग परामर्श सेवाओं के लिए अनुदान योजना के लिए 180 करोड़ 20 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

विभागों के डिजिटल सशक्तिकरण हेतु आईटी संवर्ग का गठन

mp cabinet bade faisle : योजना के अंतर्गत शासन के विभिन्न विभागों, निगमों, प्राधिकरणों एवं परियोजनाओं को तकनीकी परामर्श सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय आईटी संवर्ग का गठन किया गया है। योजना से प्राप्त अनुदान का उपयोग विशेषज्ञों की नियुक्ति, प्रशिक्षण, क्षमता-विकास एवं विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप परामर्श सेवाओं के लिए किया जाता है।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति देने 55.43 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत

mp cabinet bade faisle : यह योजना वर्तमान में शासन की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया की आधारभूत आवश्यकता है तथा भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन तकनीक एवं सायबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में राज्य की तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। मंत्रिपरिषद द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्य योजना के लिए 55 करोड़ 43 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन

mp cabinet bade faisle : योजना से वीबीटीसी प्रशिक्षण केंद्र द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आईटी, ई-गवर्नेस, सायबर सुरक्षा तथा डेटा प्रबंधन विषयों पर नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक कार्य कुशलता में वृद्धि की जाएगी। एमपीएसईडीसी जैसी नोडल एजेंसियों को सहायक अनुदान उपलब्ध कराकर विभिन्न आईटी एवं ई-गवर्नेस परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित

mp cabinet bade faisle : राज्य, संभाग और जिला स्तर पर आयोजित कार्य शालाओं एवं सेमिनारों के माध्यम से विभागीय क्षमता संवर्धन तथा आईटी जागरुकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ‘ई-गवर्नेस उत्कृष्टता पुरस्कार” के माध्यम से विभागों एवं अधिकारियों के नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्य प्रदेश को ई-गवर्नेस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी।

mp cabinet bade faisle : मंत्रिपरिषद ने कपास जिनिंग मिलों की आवश्यकता को देखते हुए कपास पर मंडी फीस की दर 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत करने का अनुमोदन दिया है। प्रदेश में लगभग 158 कपास जिनिंग मिलें है, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 13 लाख मीट्रिक टन है।

कपास पर मंडी फीस की दर में कमी

mp cabinet bade faisle : प्रदेश में कपास पर मंडी फीस की दर में कमी किए जाने से जिनिंग मिलों के द्वारा अन्य पड़ोसी राज्यों में पलायन की अपेक्षा प्रदेश में ही व्यवसाय करने को प्राथमिकता दी जाएगी जिससे रोजगार में तथा जीएसटी संग्रहण में वृद्धि होगी। जिनिंग मिलों की इनपुट लागत में कमी आएगी और उनकी आर्थिक व्यवहारिता में वृद्धि होगी। वे प्रतिस्पर्धात्मक बाजार में अपनी स्थिति सुदृढ़ बनाए रखने में सक्षम होगी।

गेहूं, धान और मोटे अनाज की खरीदी हेतु ऋण 

mp cabinet bade faisle : बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी रबी विपणन वर्ष 2026 में गेहूं उपार्जन और इसके बाद खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान एवं मोटे अनाजों के उपार्जन के दृष्टिगत विभिन्न बैंकों (शेडयूल्ड/राष्ट्रीयकृत/जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक), नाबार्ड, एवं सार्वजनिक वित्तीय संस्थाओं से धनराशि उधार लेने के लिए वर्तमान जारी वित्त व्यवस्थाओं की निरंतरता के लिए और आरबीआई अपेक्षा के अनुक्रम में ज्यादा ब्याज दर वाली खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान आदि परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए ।

मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार

mp cabinet bade faisle : एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. एवं मार्कफेड को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की द्वय खाद्यान्न साख सीमा के पुनर्भुगतान के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च मार्च 2027 तक के लिए 8,600 करोड़ रुपए की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति दी है। निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति में से समय समय पर एमपीएससीएससी और मार्कफेड के मध्य पुर्नआवंटन का अधिकार खादय विभाग मप्र शासन को प्रदान किए गए हैं।

सिविल सप्लाई कारपोरेशन को मिली बड़ी वित्तीय सहायता

mp cabinet bade faisle : इसके अलावा एमपी स्टेट सिविल सप्लाई कारपोरेशन लि. को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 (एक वर्ष) तक की अवधि के लिए 29,500 करोड़ रुपए की निःशुल्क शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध कराई गई है। शासकीय प्रत्याभूति से उपलब्ध राशि के अलावा बाकी राशि की वित्त व्यवस्था ज्यादा ब्याज दर वाली आरबीआई द्वारा राज्य शासन को प्रदत्त खाद्यान्न साख सीमा से की जाएगी।

मंडी शुल्क में वृद्धि

mp cabinet bade faisle : मंत्रिपरिषद द्वारा मंडी शुल्क को एक रुपए के स्थान पर वृद्धि कर 1.50 रुपए किए जाने का निर्णय लिया है। इस राशि से जिलों में कोल्डस्टोरेज,वेयरहाउस प्रसंस्करण इकाईयों एवं लॉजिस्टिक सुविधाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। इस शुल्क राशि में से 50 पैसे विपणन विकास निधि के अंश के रूप में किसानों के कल्याण में उपयोग किया जायेगा। निराश्रित शुल्क को यथावत 20 पैसे रखा जाएगा।

इस वृद्धि से इस वर्ष में लगभग 500 करोड़ रूपये की अतिरिक्त आय होना संभावित है। इस आय का उपयोग किसान सड़क निधि एवं कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास में किया जाएगा।

सड़क, गौ-संवर्धन और कृषि अनुसंधान पर खर्च होगी किसान निधि

mp cabinet bade faisle : किसान सड़क निधि ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण का अंश 20 पैसे, किसान सड़क निधि-मंडियो की मूलभूत संरचनाओं के लिए 10 पैसे, गौ-संवर्धन एवं संरक्षण निधि में 12 पैसे, मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना के लिए 2 पैसे, प्रचार-प्रसार एवं कृषक सम्मेलन के लिए 1.75 पैसे और कृषि अनुसंधान एवं कृषि अधोसंरचना विकास निधि के लिए 4.25 पैसे का उपयोग किया जाएगा। –आईएएनएस एएसएच/डीकेपी


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)