नई दिल्ली, 1 जून 2026। Big Changes in Financial Terms: नया महीना शुरू होने के साथ ही 1 जून से आम लोगों की रोजमर्रा की वित्तीय गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं।
इनमें यूपीआई भुगतान प्रणाली की सुरक्षा बढ़ाने, एटीएम निकासी नियमों में बदलाव, पैन कार्ड से जुड़े प्रावधानों में संशोधन और अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) भुगतान की समयसीमा जैसी अहम बातें शामिल हैं। इन बदलावों का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाना और वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना है।
Big Changes in Financial Terms: नए नियमों के तहत 2026 में यूपीआई भुगतान प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जाएगा
नए नियमों के तहत 2026 में यूपीआई भुगतान प्रणाली को और सुरक्षित बनाया जाएगा। अब केवल 4 या 6 अंकों के यूपीआई पिन के आधार पर बड़े लेनदेन नहीं किए जा सकेंगे। गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे ऐप्स पर उच्च मूल्य के ट्रांजैक्शन के लिए अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है।
इसमें फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या डिवाइस आधारित दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) शामिल हो सकता है। इसका मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को कम करना है। करदाताओं के लिए 15 जून एक महत्वपूर्ण तारीख होगी।
निर्धारित समयसीमा चूकने पर प्रति माह 1 प्रतिशत ब्याज का जुर्माना लग सकता है
Big Changes in Financial Terms: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) की पहली किस्त इसी दिन तक जमा करनी होगी। जिन लोगों की कुल टैक्स देनदारी 10,000 रुपए से अधिक है, उन्हें 15 जून तक अपने अनुमानित टैक्स का 15 प्रतिशत भुगतान करना होगा। निर्धारित समयसीमा चूकने पर प्रति माह 1 प्रतिशत ब्याज का जुर्माना लग सकता है।
इसके अलावा, इस महीने की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक होगी, जो 3 से 5 जून के बीच होने वाली है। बाजार इस बात पर बंटे हुए हैं कि क्या केंद्रीय बैंक रेपो दर में बदलाव करेगा, लेकिन मुद्रास्फीति, आर्थिक विकास और तरलता की स्थिति पर आरबीआई की टिप्पणी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।
1 जून को कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है
Big Changes in Financial Terms: भविष्य में ब्याज दरों में कटौती या वृद्धि के किसी भी संकेत का असर आने वाले महीनों में होम लोन की ईएमआई, फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाले रिटर्न और कुल उधार लागत पर पड़ सकता है। 1 जून को कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है।
सोमवार से लागू हुई नई कीमतों के मुताबिक, दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जो अब 3,113.50 रुपयए प्रति सिलेंडर हो गया है। वहीं, कोलकाता में और भी ज्यादा बढ़ोतरी की गई है।
कोलकाता में 53.50 रुपए का इजाफा हुआ है, जिससे कीमत बढ़कर 3,255.50 रुपए प्रति सिलेंडर हो गया
Big Changes in Financial Terms: कोलकाता में 53.50 रुपए का इजाफा हुआ है, जिससे कीमत बढ़कर 3,255.50 रुपए प्रति सिलेंडर हो गया है। कीमतों में यह बढ़ोतरी ईंधन और ट्रांसपोर्टेशन के बढ़े खर्चों की वजह से किया गया है। इसके अतिरिक्त, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडरों की कीमत में भी 11 रुपए की बढ़ोतरी की है।
दिल्ली में, 5 किलो वाले एफटीएल सिलेंडर की कीमत अब 821.50 रुपए होगी। हालांकि, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। उपभोक्ताओं को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों पर भी नजर रखनी चाहिए, जिनमें हाल ही में कई बार संशोधन हुए हैं।
जून से यूपीआई ऐप्स में एक नई सुविधा भी शुरू हो रही है
Big Changes in Financial Terms: वैश्विक कच्चे तेल की आवाजाही और भू-राजनीतिक घटनाक्रम, विशेष रूप से पश्चिम एशिया में, घरेलू ईंधन की कीमतों को प्रभावित करना जारी रख सकते हैं। ईंधन की बढ़ती लागत का परिवहन, लॉजिस्टिक्स और घरेलू खर्चों पर अक्सर व्यापक प्रभाव पड़ता है।
जून से यूपीआई ऐप्स में एक नई सुविधा भी शुरू हो रही है, जिसके तहत भुगतान करने से पहले लाभार्थी का सत्यापित आधिकारिक नाम दिखाई देगा। यह जानकारी सुरक्षित डेटाबेस से प्राप्त की जाएगी। इससे गलत खाते में पैसे भेजने की संभावना कम होगी और उपयोगकर्ता भुगतान से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एक नई प्रणाली का परीक्षण कर रहा है
Big Changes in Financial Terms: इसके अलावा, अब यूपीआई-आधारित कार्डलेस एटीएम निकासी को भी बैंक की मासिक मुफ्त निकासी सीमा में शामिल किया जाएगा। यदि ग्राहक निर्धारित मुफ्त लेनदेन की सीमा पार कर लेते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
यह नियम डेबिट कार्ड से की जाने वाली एटीएम निकासी की तरह ही लागू होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) एक नई प्रणाली का परीक्षण कर रहा है, जिसके तहत कर्मचारी यूपीआई के माध्यम से अपना पीएफ निकाल सकेंगे।
अब 50,000 रुपए से अधिक के सामान्य नकद जमा के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा
Big Changes in Financial Terms: यदि यह सुविधा लागू होती है, तो पीएफ निकासी की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और आसान हो जाएगी तथा पारंपरिक अनुमोदन प्रक्रियाओं पर निर्भरता कम होगी। नए कर नियमों के अनुसार, अब 50,000 रुपए से अधिक के सामान्य नकद जमा के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा।
हालांकि, यदि किसी व्यक्ति के कुल नकद जमा या निकासी एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपए या उससे अधिक हो जाते हैं, तो पैन संबंधी नियम लागू होंगे और आवश्यक जानकारी देनी होगी। अचल संपत्ति के खरीद-बिक्री लेनदेन में पैन नंबर बताने की सीमा बढ़ा दी गई है।
Big Changes in Financial Terms: पहले 10 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति खरीद या बिक्री पर पैन अनिवार्य था, लेकिन अब यह सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दी गई है। इसके अलावा 45 लाख रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति के सौदों, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स के लिए रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। –आईएएनएस डीबीपी
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
















