नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। ram mandir chanda chori vivad : राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद को लेकर विपक्षी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस नेताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच, एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
‘सिर्फ इस्तीफे से नहीं चलेगा काम’, विपक्ष ने उठाए सवाल
ram mandir chanda chori vivad : विपक्ष का कहना है कि केवल इस्तीफे से मामला खत्म नहीं होगा, बल्कि पूरे प्रकरण की गहराई से जांच होनी चाहिए। मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा कि यदि भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी धनराशि में अनियमितता हुई है तो यह बेहद गंभीर मामला है।
भगवान राम के नाम पर मिली आस्था के साथ विश्वासघात किया
ram mandir chanda chori vivad : जिन लोगों ने भगवान राम के नाम पर मिली आस्था के साथ विश्वासघात किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरे मामले में यदि किसी बड़े व्यक्ति की भी भूमिका है तो उसे भी कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। यदि भगवान राम के प्रति वास्तव में आस्था होती तो मंदिर से जुड़े किसी भी आर्थिक अनियमितता के मामले में किसी प्रकार की रियायत नहीं बरती जाती।
चंदा गड़बड़ी पर कांग्रेस का निशाना, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
ram mandir chanda chori vivad : इस पूरे प्रकरण ने भाजपा की आस्था और राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुंबई में कांग्रेस विधायक विजय नामदेवराव वडेट्टीवार ने भी इस मामले में भाजपा और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर से जुड़े चंदे में गड़बड़ी हुई है तो यह केवल कानूनी नहीं बल्कि नैतिक और धार्मिक दृष्टि से भी गंभीर मामला है। इस मामले में शामिल लोगों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोपों पर विपक्ष का हमला, एफआईआर की मांग
ram mandir chanda chori vivad : भगवान के नाम पर एकत्र किए गए धन में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसका न्याय केवल अदालत ही नहीं, बल्कि जनता और भगवान भी करेंगे। जहां भी ऐसे लोग जनता के बीच जाएंगे, लोगों के सवालों का सामना करना पड़ेगा। दिल्ली में आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि अब तक हुई कार्रवाई केवल औपचारिकता प्रतीत होती है। जब तक पूरे मामले में विधिवत एफआईआर दर्ज नहीं होती और स्वतंत्र जांच नहीं कराई जाती, तब तक कार्रवाई को प्रभावी नहीं माना जा सकता।
चंदे का पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो, ट्रस्ट की जवाबदेही तय हो
ram mandir chanda chori vivad : उन्होंने यह भी मांग की कि मंदिर को प्राप्त चंदे का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि लोगों को यह जानकारी मिल सके कि किसने कितना योगदान दिया और उसका उपयोग किस प्रकार हुआ। यदि वीडियो सामने नहीं आते और मीडिया में मामला प्रमुखता से नहीं उठता तो संभवतः इस्तीफे भी नहीं होते। ट्रस्ट में केवल व्यक्तियों को बदल देने से व्यवस्था नहीं बदलेगी, बल्कि पूरी प्रणाली की जवाबदेही तय करनी होगी।
ram mandir chanda chori vivad : अयोध्या में समाजवादी पार्टी के सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले के बाद संबंधित लोगों का इस्तीफा काफी पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भगवान राम के मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन से जुड़ी किसी भी अनियमितता को क्षमा नहीं किया जा सकता। यदि इतने बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितता हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय करना सरकार का दायित्व है।
‘चढ़ावे में अनियमितता अक्षम्य, जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई’
ram mandir chanda chori vivad : यह मामला केवल हाल के दिनों तक सीमित नहीं हो सकता और पूरे कार्यकाल की जांच कराई जानी चाहिए। जिन लोगों की भी भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि इस मुद्दे को सबसे पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उठाया था।
चढ़ावा विवाद पर विपक्ष बोला सच सामने आना जरूरी
ram mandir chanda chori vivad : यदि यह मामला सार्वजनिक रूप से नहीं उठाया जाता तो कथित अनियमितताओं का खुलासा भी नहीं हो पाता। अब लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं और पारदर्शिता की मांग भी विपक्ष की ओर से उठाई जा रही है। कुछ लोग नहीं चाहते कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले। फखरुल हसन चांद ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए मंदिर और मस्जिद दोनों आस्था के विषय हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं
ram mandir chanda chori vivad : किसी भी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष तथा सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। –आईएएनएस पीएसके/डीकेपी
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)















