नशामुक्त युवा, स्वस्थ भारत का संकल्प; जागरूकता कार्यक्रम में गूंजा बदलाव का संदेश

धमतरी में नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान

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रायपुर,1 सितम्बर । nashamukt yuva : स्वर्गीय छोटेलाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से बचाने और कुपोषण-मुक्त स्वस्थ भारत के निर्माण का संदेश देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान

nashamukt yuva : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, रायपुर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत-संकल्प अभियान’ और ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ को समर्पित रहा, जिसमें कॉलेज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वस्थ तथा जिम्मेदार जीवन जीने का संकल्प उठाया। युवाओं को सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए ।

युवावस्था दिशा तय करने का सबसे स्वर्णिम पड़ाव

nashamukt yuva :  कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष ने ज्ञानवर्धक चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि युवावस्था जीवन की दिशा तय करने का सबसे स्वर्णिम पड़ाव है। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिभा का उपयोग शिक्षा, खेल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।

नशा व्यक्ति को ही नहीं तोड़ता, परिवार, समाज को अंधकार में धकेल देता है

nashamukt yuva : उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के शरीर को ही नहीं तोड़ता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल देता है। वर्ष 2047 के विकसित भारत का सपना तभी सच होगा जब देश की युवा शक्ति स्वस्थ, अनुशासित और जागरूक होगी।

​पोषण के पांच मुख्य सूत्रों

nashamukt yuva :  ​पोषण के पांच मुख्य सूत्रों, जीवन के पहले 1000 सुनहरे दिन, पौष्टिक आहार, एनीमिया रोकथाम, डायरिया प्रबंधन और स्वच्छता को जीवन में अपनाएं । कुपोषण के खिलाफ जंग पर बात करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी ने पोषण के महत्व और विभागीय योजनाओं पर प्रकाश डाला।

स्वच्छता को जीवन में अपनाने की अपील की

nashamukt yuva :  उन्होंने विद्यार्थियों को स्टंटिंग, वेस्टिंग और कम वजन जैसी समस्याओं से अवगत कराते हुए पोषण के पांच मुख्य सूत्रों, जीवन के पहले 1000 सुनहरे दिन, पौष्टिक आहार, एनीमिया रोकथाम, डायरिया प्रबंधन और स्वच्छता को जीवन में अपनाने की अपील की।

नशामुक्ति, पोषण और स्वच्छता का संदेश

nashamukt yuva :  ​इस अवसर पर नशामुक्ति, पोषण और स्वच्छता का संदेश देने के लिए रंगोली और चित्रकला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्तियों से स्वस्थ जीवनशैली का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित विद्यार्थियों और नागरिकों को जीवनभर नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई।


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