बेमेतरा 13 जुलाई । mahamahim rajyapal raman deka : बेमेतरा जिले के अंतर्गत आने वाला ग्राम टेमरी, जिसे स्वयं प्रदेश के महामहिम राज्यपाल रमन डेका ने गोद लिया है, आज प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव को गोद लिए जाने के बाद उम्मीद थी कि यहाँ आदर्श विकास होगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। यहाँ विकास कार्य सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गए हैं।
मुख्य सड़कें अधूरी, गोद ग्राम टेमरी के ग्रामीण परेशान
mahamahim rajyapal raman deka : गाँव की मुख्य सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। जिससे लोगों का चलना दूभर हो गया है। महामहिम के गोद ग्राम में ही आम जनता सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।
राज्यपाल के निर्देशों के बाद भी टेमरी में सड़क-नाली निर्माण शुरू नहीं
mahamahim rajyapal raman deka : महामहिम राज्यपाल की ओर से ग्राम टेमरी में सड़क और नाली निर्माण के लिए कार्ययोजना के निर्देश जारी होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। लगातार हो रही बारिश के कारण गांव की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्यपाल के गोद लेने के एक साल बाद भी विकास अधूरा
mahamahim rajyapal raman deka : ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम टेमरी को महामहिम राज्यपाल रमन डेका द्वारा गोद लिए हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है। इस दौरान राज्यपाल स्वयं गांव पहुंचकर ग्रामीणों से रूबरू हुए थे और विकास कार्यों को लेकर आश्वासन भी दिया था। इसके बावजूद अब तक गांव में किसी भी बड़ी विकास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है।
ग्रामीणों का आरोप- प्रशासनिक उदासीनता से थमा विकास
mahamahim rajyapal raman deka : ग्रामीणों के अनुसार न तो सड़क और नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ है और न ही अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है।
गोद ग्रामों में सड़क, पेयजल और शिक्षा पर था राज्यपाल का फोकस
mahamahim rajyapal raman deka : राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के गोद लिए गए तीन ग्रामों बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी, गरियाबंद जिले के ग्राम बिजली तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सोनपुरी में केंद्र एवं राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए उन्होंने मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया था, ताकि इन गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास हो सके।
समय सीमा खत्म, लेकिन विकास कार्य अब भी अधूरे
mahamahim rajyapal raman deka : हालांकि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकांश योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। कई विकास कार्य अब तक शुरू नहीं हुए हैं, जबकि कुछ योजनाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। विशेष रूप से ग्राम टेमरी में सड़क और नाली निर्माण में देरी के कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विकास की आस बरकरार, ग्रामीणों को राज्यपाल से अब भी उम्मीद
mahamahim rajyapal raman deka : ग्रामीणों का कहना है कि राज्यपाल के गोद लेने के बाद गांव के विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें जगी थीं, लेकिन अब तक अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। इसके बावजूद ग्रामीणों का विश्वास राज्यपाल पर कायम है। उनका मानना है कि राज्यपाल रमेन डेका स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करेंगे और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे, ताकि गोद लिए गए गांव वास्तव में आदर्श ग्राम के रूप में विकसित हो सकें।
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