भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों को बड़ी राहत, कोर्ट ने सुनील नामदेव-निलेश शर्मा को किया बरी

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बिलासपुर, 28 सितम्बर । bhrashtachar : वर्ष 2023 में तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में दर्ज इस मामले में करीब ढाई साल चली कानूनी लड़ाई के बाद बिलासपुर की अदालत ने वरिष्ठ पत्रकार सुनील नामदेव, निलेश शर्मा और साजिद हाशमी को बाइज्जत बरी कर दिया है। भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें प्रकाशित-प्रसारित करने वाले इन पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।

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भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों को दबाने; बनाया झूठा केस

bhrashtachar : मामले में बचाव पक्ष ने आरोप लगाया था कि भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरों को दबाने और पत्रकारों पर दबाव बनाने के लिए उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका। वहीं, पुलिस के कई गवाहों ने अदालत में बताया कि वे गुम मोबाइल की सूचना देने थाने पहुंचे थे, लेकिन उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिनका बाद में पत्रकारों के खिलाफ इस्तेमाल किया गया।

अदालत के फैसले के बाद प्रदेशभर के पत्रकारों और संगठनों ने इसका स्वागत किया

bhrashtachar : बचाव पक्ष के अधिवक्ता श्रीनिवास राव के मुताबिक, राजनीतिक दबाव में गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों पत्रकारों को प्रताड़ित किया गया। अदालत के फैसले के बाद प्रदेशभर के पत्रकारों और संगठनों ने इसका स्वागत किया है। ढाई साल तक मुकदमे और बदनामी का बोझ झेलने वाले पत्रकारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत है। भ्रष्टाचार की खबरों से शुरू हुई कानूनी लड़ाई में आखिरकार अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।

ढाई साल चली कानूनी लड़ाई के बाद आए फैसले

bhrashtachar : बिलासपुर की अदालत ने वरिष्ठ पत्रकार सुनील नामदेव, निलेश शर्मा और साजिद हाशमी को 2023 में दर्ज मामले में बरी कर दिया है। करीब ढाई साल चली कानूनी लड़ाई के बाद आए फैसले में अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर सका।


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