एस्ट्रोनॉट्स की सेहत में भोजन और व्यायाम की अहम भूमिका, जानें जीरो ग्रैविटी के प्रभाव

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astronauts ke sehat
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नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। astronauts ke sehat : अंतरिक्ष में लंबे मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की शारीरिक और मानसिक सेहत बनाए रखना स्पेस एजेंसिज के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। माइक्रोग्रेविटी के कारण शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने में भोजन, पोषण और रोजाना व्यायाम सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा

astronauts ke sehat :  अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इन पहलुओं को विशेष रूप से तैयार कार्यक्रमों के जरिए प्रबंधित करता है ताकि एस्ट्रोनॉट्स मिशन के दौरान स्वस्थ और फिट रहें। अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में पोषण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिशन से पहले, दौरान और बाद में भी सही पोषण उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है।

अंतरिक्ष यात्रियों को अपने पसंदीदा व्यंजन चुनने का विकल्प

astronauts ke sehat : स्पेस स्टेशन पर भोजन न सिर्फ शारीरिक जरूरत पूरी करता है बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक रूप से भी महत्व रखता है। नासा की स्पेस फूड सिस्टम्स लेबोरेटरी (ह्यूस्टन) के विशेषज्ञ पौष्टिक और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ तैयार करते हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को अपने पसंदीदा व्यंजन चुनने का विकल्प भी दिया जाता है।

मनोबल बनाए रखने में सहायक सिद्ध

astronauts ke sehat :  लंबे मिशन में यह मनोबल बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है। नासा के पोषण विशेषज्ञ अंतरिक्ष यात्रियों की जरूरत के अनुसार विटामिन, खनिज और कैलोरी का सही संतुलन तय करते हैं। प्रत्येक यात्री रोजाना एक टैबलेट आधारित ऐप के जरिए अपना पूरा आहार लॉग करता है। इस डेटा की साप्ताहिक समीक्षा की जाती है।

मिशन से पहले रक्त व मूत्र के नमूनों का विश्लेषण

astronauts ke sehat :  साथ ही मिशन से पहले, दौरान और बाद में रक्त व मूत्र के नमूनों का विश्लेषण कर शरीर की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जाता है। इससे पता चलता है कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण, विकिरण और अन्य कारकों में शरीर कैसे अनुकूलित हो रहा है। अब सवाल है कि एस्ट्रोनॉट्स के लिए व्यायाम क्यों जरूरी है?

अंतरिक्ष स्टेशन प्रतिदिन ढाई घंटे व्यायाम

astronauts ke sehat :  वैज्ञानिक बताते हैं कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण न होने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और हृदय संबंधी स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इन प्रभावों से बचने के लिए अंतरिक्ष स्टेशन पर हर यात्री को प्रतिदिन ढाई घंटे व्यायाम करना अनिवार्य है।

व्यायाम मांसपेशियों की शक्ति तैयार किया जाता

astronauts ke sehat :  यह व्यायाम कार्यक्रम मांसपेशियों की शक्ति, हड्डियों की घनत्व, एरोबिक क्षमता और संवेदी-मोटर स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए तैयार किया जाता है। स्टेशन पर उपलब्ध मुख्य उपकरणों में शामिल हैं: – एआरईडी यानी एडवांस्ड रेसिस्टिव एक्सरसाइज डिवाइस, टी2 ट्रेडमिल – चलने और दौड़ने के लिए और सीईवीआईएस यानी साइकिल एर्गोमीटर – हृदय स्वास्थ्य के लिए।

नासा के फ्लाई सर्जन आहार और फिटनेस दिनचर्या तय करते

astronauts ke sehat :  नासा के फ्लाई सर्जन प्रत्येक यात्री की व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार आहार और फिटनेस दिनचर्या तय करते हैं क्योंकि हर व्यक्ति का शरीर अंतरिक्ष प्रभावों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देता है।

astronauts ke sehat :  शारीरिक स्वास्थ्य मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए एस्ट्रोनॉट्स

शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भी एस्ट्रोनॉट्स को परिवार से संपर्क, वीडियो कॉल, क्रू केयर पैकेज और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की सुविधा मिलती है। चिकित्सा आपातकाल के लिए स्टेशन पर पूरी सुविधा और प्रशिक्षित क्रू मौजूद रहता है। –आईएएनएस एमटी/एएस


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)