रामकृष्ण शिक्षण संस्थान में सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ का दिया संदेश, विद्यार्थियों को सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा

Road Safety Awareness Program
Road Safety Awareness Program

रायपुर: Road Safety Awareness Program: रामकृष्ण शिक्षण संस्थान में विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक दिवसीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ का संदेश जनमानस तक पहुंचाने के साथ विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और सुरक्षित जीवन के लिए प्रेरित करना था।

Road Safety Awareness Program: कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात) एवं वर्तमान सड़क सुरक्षा सलाहकार संजय शर्मा तथा ताइक्वांडो मार्शल आर्ट्स अकादमी के संस्थापक, हेड कोच एवं नेशनल रेफरी ललित जोगे उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों, संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया इस अवसर पर संस्था प्रमुख आर.के. चौबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

वाहन चलाते समय और सड़क पर चलते हुए मन को शांत रखना चाहिए, ताकि छोटी-छोटी लापरवाहियों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

Road Safety Awareness Program: उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण में भाग लेकर अपनी सुरक्षा के कौशल विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।

Road Safety Awareness Program
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Road Safety Awareness Program: सड़क सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी

Road Safety Awareness Program: मुख्य अतिथि संजय शर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय बरती गई थोड़ी सी सावधानी किसी का अनमोल जीवन बचा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा के चार प्रमुख स्तंभों तथा दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही दुर्घटना होने की स्थिति में घायलों की मदद करने, कानूनी प्रावधानों और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में निभाई जाने वाली नैतिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित सरकारी योजनाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि स्कूली शिक्षा से ही बच्चों में यातायात नियमों के प्रति समझ विकसित करना आवश्यक है।

Road Safety Awareness Program: इससे समाज में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शुरू

Road Safety Awareness Program:  कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यार्थियों के लिए सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण की शुरुआत की गई।

इसका प्रशिक्षण ताइक्वांडो एवं मार्शल आर्ट्स विशेषज्ञ, छत्तीसगढ़ के आईटी सर्टिफाइड कोच और नेशनल रेफरी ललित जोगे द्वारा दिया जाएगा। अगले सात दिनों तक वे महाविद्यालय के विद्यार्थियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण देंगे।

ललित जोगे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण केवल अपनी सुरक्षा करने का कौशल नहीं है, बल्कि इससे आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक क्षमता का भी विकास होता है।

उन्होंने किसी भी अप्रत्याशित या प्रतिकूल परिस्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखने, सही निर्णय लेने और संकट का सामना करने के तरीकों की जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास के माध्यम से शरीर और मन को स्वस्थ एवं मजबूत बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

Road Safety Awareness Program: कार्यक्रम में संस्था प्रमुख आर.के. चौबे, संस्था की उपाध्यक्ष डॉ. अरुणा चौबे, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुरमणी मंगदा, डॉ. डी. चिन्नमा भास्कर सहित समस्त प्राध्यापक, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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