स्कूली शिक्षा की बदहाली पर कांग्रेस का हमला, कहा- सरकार के दावे तथ्यहीन

schooli shiksha ki badhali
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रायपुर,31 अगस्त । schooli shiksha ki badhali : शिक्षा की गुणवत्ता, बिगड़ते परीक्षा परिमाण और नए शिक्षकों की भर्ती को लेकर सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी दावें तथ्यहीन हैं, वर्तमान में 260 स्कूल (212 प्राथमिक और 48 मीडिल स्कूल) शिक्षक विहीन और 12712 स्कूल (5840 प्राथमिक और 6872 मीडिल स्कूल) एकल शिक्षक के भरोसे छोड़ दिया गया है ।

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शिक्षा व्यवस्था पर कांग्रेस का सरकार पर हमला

schooli shiksha ki badhali : सरकार की उपेक्षा और बदइंतजामी के चलते ही प्रदेश में शिक्षा का स्तर गिर रहा है, विज्ञान और गणित में बुनियादी सिद्धांतों को समझने का स्तर माइनस में है जो अत्यंत चिंताजनक है, पेपर लीक हो रहे हैं, स्कूलों को मिलने वाला फंड रोक रखा है, शिक्षा विभाग की प्राथमिकता केवल भ्रष्टाचार पर ही है, टीवी, जग, फर्नीचर खरीदी, किताब छपाई और जंबूरी घोटाला सर्वविदित है।

स्वामी आत्मानंद स्कूलों की बदहाली पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

schooli shiksha ki badhali : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कार्यरत लाखों की संख्या में शिक्षक और सहायक शिक्षक पदोन्नति की राह देख रहे हैं, लेकिन यह सरकार नए-नए शर्त थोप कर प्रक्रिया बाधित कर रहे हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों की हालत खस्ता हो चुकी है।

54185 पद समाप्त कर दिए गए

schooli shiksha ki badhali : प्रत्येक स्कूल में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में एक-एक पद की कटौती करके 54185 पद समाप्त कर दिए गए हैं, उसके बावजूद लगभग 40 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, हर महीने सैकड़ो शिक्षक रिटायर हो रहे हैं लेकिन इस सरकार ने एक भी पद पर निर्मित शिक्षक की भर्ती नहीं की है, बीएड डी एड और टीईटी पास युवा नई भर्ती का इंतजार करते करते निराश हो चुके हैं। डीएड अभ्यर्थी विगत 6 महीनो से धरने पर बैठे है।

10,463 स्कूल बंद, शिक्षकों को बर्खास्तगी की धमकी का आरोप

schooli shiksha ki badhali : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने युक्तियुक्तकरण के नाम पर 10,463 स्कूल बंद कर दिए हैं और हजारों सफाईकर्मी, रसोइया, विद्या मितान, अनियमित कर्मचारी व अतिथि शिक्षकों को रोजगार से वंचित किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल जतन योजना की शेष राशि लैप्स होने से स्कूलों की स्थिति बदहाल है। वर्मा ने 80 हजार शिक्षकों को बर्खास्तगी की धमकी को अन्याय बताते हुए 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने तथा बाद के शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित करने की मांग की।


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