बलौदाबाजार-भाटापारा; 23 जुलाई । rice miller dalal : जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में राइस मिलर्स और अधिकारियों के बीच दलाली करने वाले शातिर तत्व चेतन महिलांगे द्वारा शासकीय अधिकारियों को डराने, चमकाने और शासन स्तर पर जिले की छवि खराब करने के एक बड़े नेटवर्क और षड्यंत्र का हुआ पर्दाफाश।
मुख्य सचिव को भेजी गई थी फर्जी शिकायत
rice miller dalal : राइस मिलर्स के नाम पर मुख्य सचिव को भेजी गई फर्जी और मनगढ़ंत शिकायत की जब कलेक्टर बलौदाबाजार-भाटापारा के निर्देश पर उच्च स्तरीय जाँच कराई गई, तो इस पूरी साज़िश के पीछे दलाल चेतन महिलांगे का चेहरा मुख्य रूप से सामने आया है। कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने दो विभागीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है और तीनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जा रहा है।
फर्जी शिकायत की तह तक पहुंची जांच टीम, साजिश का हुआ पर्दाफाश
rice miller dalal : बीते दिनों मुख्य सचिव को संबोधित 22 मार्च 2026 की एक शिकायत अज्ञात ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी। शिकायत में मिलर्स को प्रताड़ित करने तथा शासकीय चावल की हेराफेरी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा गठित संयुक्त जाँच टीम (खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी और नोडल अधिकारी) ने इसकी गहराई से जाँच की, तो परतें खुलती चली गईं ।
फोरेंसिक जांच में खुलासा: मजदूर के मोबाइल से भेजी गई थी फर्जी शिकायत
rice miller dalal : पुलिस विभाग द्वारा जब उस अज्ञात ई-मेल की फोरेंसिक जाँच कराई गई, तो वह कसडोल वेयरहाउस के दैनिक वेतन भोगी श्रमिक रेशम लाल महिलांगे के मोबाइल नंबर से भेजा जाना पाया गया। कड़ाई से पूछताछ में रेशम लाल ने कबूल किया कि राइस मिलर दलाल चेतन महिलांगे ने उसके ऊपर दबाव बनाकर उसके मोबाइल से यह फर्जी ई-मेल आईडी तैयार करवाई और शिकायत आगे भेजी।
गोपनीय जानकारी लीक होने का आरोप
rice miller dalal : सिविल सप्लाइज आदेश पत्र के अनुसार गोपनीय जानकारी लीक करने का बनाया था गिरोह: जाँच के दौरान आरोपी के मोबाइल से तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग भी बरामद हुईं, जिससे साबित हुआ कि चेतन महिलांगे ने विभाग के भीतर ही अपने मुखबिर तैयार कर रखे थे। इस साज़िश में छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन (NAN) का प्लेसमेंट प्रोग्रामर वेदुला श्रीधर भी शामिल था, जो चेतन महिलांगे को दलाली और ब्लैकमेलिंग करने के लिए विभाग की अत्यंत गोपनीय और शासकीय जानकारियां लीक कर रहा था ।
फर्जी ई-मेल और मोबाइल नंबरों से चलता था शिकायतों का खेल
rice miller dalal : विस्तृत जाँच रिपोर्ट में यह बात विशेष तौर पर रेखांकित की गई है कि चेतन महिलांगे की पूर्व में भी विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों की छवि को शासन स्तर पर षड्यंत्रपूर्वक बदनाम करने की नीयत से फर्जी शिकायतें करने और दलाली की प्रवृत्ति रही है। वह अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और अवैध लाभ के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग कर फर्जी ई-मेल आईडी बनाता है और उच्च कार्यालयों में झूठी शिकायतें भेजकर अधिकारियों व राइस मिलर्स पर दबाव बनाने का धंधा चला रहा था।
वेयरहाउस में प्रवेश पर रोक
rice miller dalal : कलेक्टर की रिपोर्ट पर शासन का बड़ा हंटर: सहयोगी कर्मचारी बर्खास्त साथ ही जिले के सभी वेयर हाउस में चेतन महिलांगे एवं उनके सहयोगियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है ।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी की शिकायत
rice miller dalal : जिले के केंद्रीय भंडारगृह निगम , राज्य भंडारगृह निगम , भारतीय खाद्य निगम एवं स्टेट सिविल सप्लाइज कारपोरेशन के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चेतन महिलांगे द्वारा सबको धमकी देने, भय और डर का माहौल बनाकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और झूठी शिकायतें करने की शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक , जिलाधीश, और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत कर चेतन महिलांगे के ऊपर FIR करने की मांग की है ।
मिलर्स ने कार्य से हटाने का किया दावा
दलाल चेतन महिलांगे की हरकतों और झूठी शिकायतों से तंग आकर मिलर्स और मिलर्स प्रतिनिधियों ने उसे अपने कार्य से हटा दिया है और ये कहा है की चेतन महिलांगे का चावल उपार्जन कार्य से कोई लेना देना है फिर भी अधिकारियों पर दबाव बनाने और ब्लैक मेलिंग की नियत से चेतन महिलांगे द्वारा बेवजह शिकायतें की जा रही है जिससे किसी राइस मिलर का कोई सरोकार नहीं है।
गोपनीय जानकारी लीक होने का आरोप
rice miller dalal : फर्जी शिकायत प्रकरण की जांच के बाद शासन ने कथित तौर पर दलाल चेतन महिलांगे के नेटवर्क से जुड़े विभागीय तंत्र पर सख्त कार्रवाई की है। सूचना लीक करने वाला प्रोग्रामर बाहर: छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन ने भी आदेश जारी कर चेतन महिलांगे को गोपनीय जानकारियां देने वाले और साज़िश रचने वाले कंप्यूटर प्रोग्रामर वेदुला श्रीधर की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी हैं ।
FIR दर्ज कराने की तैयारी
rice miller dalal : संयुक्त जाँच दल ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट किया है कि चेतन महिलांगे द्वारा किया गया यह कृत्य शासकीय कार्य में बाधा डालने, झूठी सूचना देकर लोक सेवक की कानूनी शक्ति का दुरुपयोग कराने (BNS की धारा 217), आपराधिक षड्यंत्र रचने (BNS की धारा 61-2) तथा दूसरे के नाम का उपयोग कर निजता का हनन करने (आई.टी. एक्ट 2000) के तहत एक गंभीर और दण्डनीय अपराध है।
प्रशासन सख्त: दलालों और ब्लैकमेलरों को नहीं मिलेगी राहत
rice miller dalal : प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि राइस मिलिंग व्यवस्था में दलाली करने वाले और फर्जी शिकायतों के दम पर ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क चलाने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय कार्रवाई पूर्ण होने के बाद अब मुख्य सूत्रधार चेतन महिलांगे, उसके सहयोगी रेशम लाल महिलांगे और वेदुला श्रीधर के विरुद्ध पुलिस में आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कराकर जेल भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
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