छत्तीसगढ़ : कोरबा में 11 हाथियों के झुंड ने मचाया उत्पात, किसानों की फसल और संपत्ति को भारी नुकसान

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chhattisgarh korba 11 hathiyon jhund
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कोरबा, 3 जून (आईएएनएस)। chhattisgarh korba 11 hathiyon jhund : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच संघर्ष एक बार फिर बढ़ गया है। कटघोरा वनमंडल के जड़गा रेंज में 11 हाथियों के एक दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के झुंड ने बासीन सेक्टर के खाड़ीपारा इलाके में किसानों की फसलों और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया।

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हाथियों ने फसल और सब्जियों के खेतों को रौंद डाला

chhattisgarh korba 11 hathiyon jhund :  स्थानीय किसानों के अनुसार, अचानक हाथियों का दल खेतों में घुस आया। हाथियों ने धान की फसल, मक्का और सब्जियों के खेतों को रौंद डाला। साथ ही दो किसानों के खेतों में रखे कृषि उपकरण और छोटी-मोटी संपत्ति को भी नष्ट कर दिया। उत्पात मचाने के बाद हाथियों का दल जड़गा के जंगल की ओर लौट गया।

जड़गा रेंज में अलग-अलग झुंडों में 45 हाथी मौजूद

chhattisgarh korba 11 hathiyon jhund :  सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित किसानों की शिकायत दर्ज की। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही सर्वे रिपोर्ट के आधार पर मुआवजे की राशि जारी कर दी जाएगी। जड़गा रेंज में फिलहाल अलग-अलग झुंडों में कुल 45 हाथी मौजूद बताए जा रहे हैं।

वन विभाग की टीम की लगातार मॉनिटरिंग

chhattisgarh korba 11 hathiyon jhund :  वन विभाग की टीम इनकी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, खासकर रात के समय खेतों में अकेले न जाने की चेतावनी जारी की गई है। वन विभाग के रेंज अधिकारियों का कहना है कि हाथी प्राकृतिक रूप से भोजन की तलाश में गांव की ओर आते हैं।

जंगल में पानी और भोजन की कमी

chhattisgarh korba 11 hathiyon jhund :  जंगल में पानी और भोजन की कमी के कारण यह समस्या बढ़ रही है। हम लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और ग्रामीणों को जागरूक भी कर रहे हैं। कोरबा जिले के जंगली इलाकों में हाथियों का यह उत्पात नया नहीं है। पिछले कुछ महीनों में कई गांवों में हाथियों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों में आक्रोश है। स्थानीय लोग कहते हैं कि वन विभाग को हाथियों को जंगल के अंदर ही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। –आईएएनएस एससीएच/एएस


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)