रायपुर, 18 मई । Big relief Anil Tuteja SC : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में रिटायर्ड ias अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की। टुटेजा लंबे समय से इस बहुचर्चित मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर रहे हैं।
85 गवाहों से पूछताछ बाकी
Big relief Anil Tuteja SC : बता दे कि सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि टुटेजा को 21 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वह तब से न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने टिप्पणी की कि मामले में अभी करीब 85 गवाहों से पूछताछ बाकी है और ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने टुटेजा को जमानत प्रदान करते हुए राहत दी।
शराब घोटाला मामले में एक अहम न्यायिक घटनाक्रम
Big relief Anil Tuteja SC : कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबी न्यायिक हिरासत, ट्रायल में संभावित देरी और सह-आरोपियों को पहले से मिली जमानत जैसे बिंदु इस फैसले में महत्वपूर्ण रहे। यह आदेश छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में एक अहम न्यायिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे
Big relief Anil Tuteja SC : अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोप गंभीर जरूर हैं, लेकिन उनकी सच्चाई ट्रायल के दौरान ही तय होगा। आरोपी को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार, अनिल टुटेजा जमानत पर रिहा होने के बाद राज्य से बाहर रहेंगे और किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे।
राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा
Big relief Anil Tuteja SC : इसके अलावा, वह गवाहों को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे। ईडी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी का अनुमान है कि इस अवैध धंधे से करीब तीन हजार करोड़ रुपए की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
सिंडिकेट ने शराब की नीति को कमजोर करके अवैध तरीकों से पैसा कमाया
Big relief Anil Tuteja SC : ईडी के अनुसार, इस घोटाले की जांच में एक संगठित सिंडिकेट का पता चला, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे। सिंडिकेट ने शराब की नीति को कमजोर करके अवैध तरीकों से पैसा कमाया। ईओडब्ल्यू/एसीबी के आरोप पत्रों के अनुसार, इस घोटाले के माध्यम से अर्जित अपराध की कुल धनराशि लगभग 2,883 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
पीएमएलए की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया
Big relief Anil Tuteja SC : ईडी ने अब तक पीएमएलए की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के एक उप सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं।
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