‘गूलर’ औषधीय गुणों से भरपूर, सेवन से पाचन और डायबिटीज समस्याएं होंगी दूर

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नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। gular : गूलर एक औषधीय पेड़ है, जिसे आयुर्वेद में काफी महत्व दिया जाता है। यह मध्यम से बड़ा पतझड़ वाला पेड़ होता है और इसके फल, छाल, पत्ते तथा दूध (लेटेक्स) पारंपरिक चिकित्सा में उपयोग किए जाते हैं।

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गूलर के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत

gular : आजकल अनियमित खान-पान और तनाव की वजह से पाचन संबंधी समस्याएं और डायबिटीज जैसे रोग तेजी से फैल रहे हैं। ऐसी स्थिति में हेल्थ एक्सपर्ट गूलर के सेवन की सलाह देते हैं, जो औषधीय गुणों से भरपूर होता है। बिहार राज्य के पर्यावरण, वन विभाग लोगों का ध्यान एक खास पेड़ की ओर दिला रहा है। यह पेड़ है गूलर । गूलर न सिर्फ आसानी से मिलने वाला फल है, बल्कि इसकी छाल और दूध औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत करने और ब्लड शुगर को काबू में रखने में बेहद कारगर साबित होता है।

गूलर एक छोटा, सुंदर और पतझड़ वाला पेड़

gular : गूलर एक छोटा, सुंदर और पतझड़ वाला पेड़ होता है। इसका तना ज्यादातर टेढ़ा-मेढ़ा रहता है और शाखाएं ऊपर की तरफ फैली हुई होती हैं। इस पेड़ की सबसे खास बात यह है कि इसके छोटे-छोटे फल तने और मोटी शाखाओं पर सीधे लगते हैं। यही वजह है कि इसे देखकर दूसरे पेड़ों से अलग आसानी से पहचाना जा सकता है। पके हुए गूलर के फल मीठे और पौष्टिक होते हैं। इन्हें लोग सीधे खा सकते हैं या फिर सब्जी बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

गूलर के फल, छाल और दूध के फायदे

gular : गूलर के फल, छाल और दूध में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इन तत्वों के कारण यह पेड़ स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज, अपच, पेट फूलने जैसी आम समस्याओं में आराम पहुंचाता है। डायबिटीज से परेशान लोगों के लिए गूलर खास तौर पर उपयोगी है। इसके फल और छाल ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की रक्षा शक्ति बढ़ाते

gular : इसके अलावा, त्वचा की समस्याओं जैसे फुंसी, खुजली और एक्जिमा में भी काफी राहत देता है। एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर की रक्षा शक्ति बढ़ाते हैं और सूजन कम करने में सहायक होते हैं। गूलर का सेवन शुरू करने से पहले एक बार आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लें।

कैसे करें गूलर को डाइट में शामिल

gular : गूलर को अपनी थाली में आसानी से शामिल किया जा सकता है। ताजे फलों को सुबह नाश्ते में खाया जा सकता है। कई लोग इन्हें सब्जी बनाकर भी खाते हैं। छाल का काढ़ा बनाकर पीने से पाचन और शुगर दोनों पर अच्छा असर पड़ता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि गूलर को लगातार लेने से शरीर स्वस्थ और तरोताजा रहता है। खासकर गर्मी के मौसम में यह शरीर को ठंडक देता है और पाचन संबंधी परेशानियों से बचाने में मदद करता है।

गूलर का पेड़ पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण

gular : गूलर का पेड़ पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यह तेजी से बढ़ता है और अच्छी छाया देता है। इसके फल पक्षियों और अन्य जानवरों के लिए भोजन का अच्छा स्रोत हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में यह पेड़ आसानी से मिल जाता है। आईएएनएस एसएके/पीएम


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)