अंबिकापुर; 9 मई । Ambikapur Big cyber fraud : अंबिकापुर में चंद रुपये के कमीशन के लालच ने कई कॉलेज छात्रों को साइबर अपराध के जाल में फंसा दिया। आसान कमाई के चक्कर में छात्रों ने अपने बैंक खाते और सिम कार्ड दूसरे लोगों को सौंप दिए, जो अब उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं और जेल तक पहुंचने की वजह बन रहे हैं।
सरगुजा पुलिस की जांच में खुलासा
Ambikapur Big cyber fraud : सरगुजा पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि कई कॉलेज छात्र ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में काम कर रहे थे। इनके बैंक खातों के जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी, गेमिंग फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों से हासिल रकम का लेन-देन किया जा रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
गांधीनगर थाना में दर्ज अपराध
Ambikapur Big cyber fraud : अंबिकापुर के गांधीनगर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 649/2025 की जांच के दौरान साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह मामला प्रार्थी सुजीत मंडल पिता सुकुमार मंडल, निवासी सकालो चाना की शिकायत पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था।
विवेचना के दौरान चौंकाने वाले खुलासे
Ambikapur Big cyber fraud : मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने 18 नवंबर 2025 को अनीश गिरी, सद्दाम आलम और वर्षा सिंह पोर्ते को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था । पूछताछ आगे बढ़ने पर मामले में चौंकाने वाले खुलासे होते गए।
ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से हासिल रकम का लेन-देन
Ambikapur Big cyber fraud : पुलिस द्वारा विधि से संघर्षरत एक बालक से पूछताछ में पता चला कि अंबिकापुर के अलग-अलग कॉलेजों के छात्र अपने बैंक खाते और सिम कार्ड साइबर गिरोहों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा रहे थे। इन्हीं खातों के जरिए देशभर में ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से हासिल रकम का लेन-देन किया जा रहा था।
Ambikapur Big cyber fraud : जांच में सामने आया कि कॉलेज छात्रों के बैंक खातों में गेमिंग और ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़ी रकम ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद आरोपी एटीएम से नकदी निकालते थे और फिर सीडीएम मशीन के जरिए रकम अलग-अलग खातों में जमा कर नेटवर्क को आगे बढ़ाते थे।
पूरे खेल के बदले आरोपियों को कमीशन
Ambikapur Big cyber fraud : पूरे इस खेल के बदले आरोपियों को कमीशन दिया जाता था। पुलिस को जैसे ही इस नेटवर्क की पुख्ता जानकारी मिली, टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पूछताछ में सभी ने अपराध स्वीकार कर लिया। बैंक खातों की जांच में सामने आया कि इनके खातों के खिलाफ अन्य राज्यों में भी शिकायतें दर्ज हैं।
खातों का म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल
Ambikapur Big cyber fraud : जांच में साफ हुआ कि आरोपी थोड़े से पैसों के लालच में अपने खातों को साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट की तरह इस्तेमाल करने दे रहे थे और खुद भी रकम ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। सरगुजा पुलिस ने इस पूरे मामले को युवाओं और अभिभावकों के लिए गंभीर चेतावनी बताया है।
Ambikapur Big cyber fraud : सरगुजा पुलिस की जनहित में अपील
पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम, सिम कार्ड या मोबाइल किसी दूसरे को उपयोग के लिए न दे, क्योंकि यही छोटी लापरवाही बड़े साइबर अपराध का हिस्सा बना सकती है और कानूनी कार्रवाई सीधे खातेधारक तक पहुंच सकती है। पुलिस ने लोगों को घर बैठे कमाई, कम समय में ज्यादा मुनाफा और ऑनलाइन आसान इनकम जैसे लालच से सतर्क रहने की सलाह दी है।
सरगुजा पुलिस की टीम ने निभाई अहम भूमिका, खोला साइबर नेटवर्क का राज
Ambikapur Big cyber fraud : मामले की कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, आरक्षक अमृत सिंह, अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह तथा साइबर थाना से प्रवीण प्रताप सिंह और विकास तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बहरहाल, सरगुजा पुलिस की यह कार्रवाई साफ संदेश दे रही है कि साइबर अपराध में सिर्फ ठग ही नहीं, अपना खाता और सिम देने वाला भी कानून की नजर में बराबर का अपराधी माना जाएगा।
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
















