कोलकाता, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। kolkata strong room : राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद अब मतगणना से पहले ही सियासी माहौल गरमा गया है। कोलकाता में स्ट्रॉन्ग रूम और पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
टीएमसी का हमला: पारदर्शिता पर उठे सवाल
kolkata strong room : टीएमसी नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम को समय से पहले खोला गया और अंदर कुछ लोग काम कर रहे थे, जिसकी जानकारी राजनीतिक दलों को नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी टीम सुबह तक वहां मौजूद थी, लेकिन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई।
पोस्टल बैलेट पर संदेह, अंदर क्या चल रहा था?
kolkata strong room : इसी मुद्दे पर टीएमसी नेता शशि पांजा ने भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि “अज्ञात लोग पोस्टल बैलेट संभाल रहे हैं” और यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अंदर क्या कार्य चल रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब स्ट्रॉन्ग रूम को उम्मीदवारों की मौजूदगी में सील किया गया था, तो उसे किस आधार पर खोला गया। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित मौजूदगी को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया।
सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम विपक्ष ने सवाल उठाए
kolkata strong room : खबरों में कहा गया कि वह कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में मौजूद थीं। इस पर विपक्ष ने सवाल उठाए। बीजेपी से जुड़े वकील सूर्यनिल दास ने आरोप लगाया कि किसी उम्मीदवार का लंबे समय तक स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में रहना असंवैधानिक है।
भाजपा नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज किया
kolkata strong room : हालांकि, भाजपा नेताओं ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज किया। मानिकतला से भाजपा उम्मीदवार तापस रॉय ने कहा कि यह सब ‘सिर्फ अफवाह’ है और हार की आशंका के चलते टीएमसी इस तरह के आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है और बिना अनुमति कुछ भी संभव नहीं है।
बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने भी टीएमसी पर हमला बोला
kolkata strong room : एंटाली से बीजेपी उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल ने भी टीएमसी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण ही राज्य में शांतिपूर्ण मतदान संभव हो पाया और रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है और अब ‘ड्रामा’ कर रही है। इस पूरे विवाद पर भारत निर्वाचन आयोग ने संज्ञान लिया है।
चुनाव आयोग सख्त, मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
kolkata strong room : राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि मामले की जानकारी आयोग को दे दी गई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। कोलकाता उत्तर की जिला निर्वाचन अधिकारी स्मिता पांडे ने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई हैं।
पोस्टल बैलेट प्रक्रिया को लेकर भ्रम? प्रशासन ने बताया ‘कानूनी प्रक्रिया’
kolkata strong room : उन्होंने बताया कि मतदान के बाद ईवीएम को उम्मीदवारों और उनके एजेंटों की मौजूदगी में सील किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रक्रिया को लेकर विवाद हो रहा है, वह दरअसल पोस्टल बैलेट को अलग करने की वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
kolkata strong room : सियासी अविश्वास चरम पर, निगरानी में जुटे भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ता
यह कार्य पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा था और इसकी जानकारी राजनीतिक दलों को ईमेल के जरिए दे दी गई थी। इस बीच, कोलकाता के विभिन्न हिस्सों में भाजपा समर्थकों और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण माहौल की खबरें भी सामने आई हैं।
kolkata strong room : दोनों दलों के कार्यकर्ता स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर निगरानी कर रहे हैं और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका जता रहे हैं। चुनाव आयोग और जिला प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। –आईएएनएस एससीएच
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
















