बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से आम की फसलों में नुकसान, किसानों ने सरकार से मांगी सहायता

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रायगढ़, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। bemausam barish : महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में आम उत्पादक इस समय गहरे संकट से गुजर रहे हैं। लगातार हो रही बेमौसम बारिश और मौसम में अचानक बदलाव ने आम की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोंकण क्षेत्र, विशेष रूप से रायगढ़ के दक्षिणी हिस्से में बड़ी संख्या में आम उत्पादक किसान हैं।

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दलालों द्वारा खरीद बंद कर देने से किसानों को भारी नुकसान

bemausam barish : इन किसानों ने जैसे-तैसे फसल तैयार कर आम तोड़ लिए, लेकिन अब हालत यह है कि ये आम बागों में ही पड़े हुए हैं। बाजार में मांग कम होने और दलालों द्वारा खरीद बंद कर देने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वाशी एपीएम मंडी जाने वाले व्यापारी और बिचौलिए भी आम खरीदने से बच रहे हैं, जिसके चलते किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है।

अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर देखा

bemausam barish : स्थिति को और गंभीर बनाने में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का भी असर देखा जा रहा है। युद्ध जैसे हालातों के कारण विदेशों में निर्यात होने वाला आम कंटेनरों में फंसा हुआ है। निर्यात ठप होने से व्यापारियों ने भी स्थानीय स्तर पर खरीद कम कर दी है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा है, जो अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

आम उत्पादन सामान्य से काफी कम

bemausam barish : बताया जा रहा है कि इस साल आम उत्पादन सामान्य से काफी कम रहा है और केवल 20 से 25 प्रतिशत तक ही फसल प्राप्त हो सकी है। ऐसे में जो थोड़ी बहुत उपज हुई भी है, वह बिक नहीं पा रही, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। किसानों ने सरकार से मदद की मांग की है, ताकि उन्हें इस मुश्किल समय में राहत मिल सके और उनकी मेहनत बेकार न जाए।

 आम की खेती मौसम की वजह से हाल खराब हो गया

bemausam barish : आम उत्पादक किसान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि हम केवल आम की खेती करते है, लेकिन इस बार मौसम की वजह से हाल खराब हो गया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस साल पेड़ों पर आम की फसल बहुत कम आ रही है।

bemausam barish :  पश्चिम एशिया में युद्ध चलने से आम की मांग भी कम

उन्होंने बताया कि इस साल पश्चिम एशिया में युद्ध चलने से आम की मांग भी कम हो गई है, जिससे आम बाहर नहीं जा रहा है और भारत में लोग कम खरीद रहे हैं। इस साल बारिश अप्रैल में ही शुरू हो रही है, जो आम की फसल के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। सरकार से हम लोग मदद की गुहार लगाते हैं। एक बार बारिश होने पर काफी नुकसान हो जाता है, इससे सभी किसान परेशान हैं। –आईएएनएस एसएके/एएस


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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)