इंफाल, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। naga nagarikon : मणिपुर में दो नागा नागरिकों की बर्बर हत्या के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने तीन दिन के पूर्ण बंद का आह्वान किया है। बंद 20 अप्रैल की आधी रात से 23 अप्रैल की आधी रात तक चलेगा। यह फैसला रविवार को यूएनसी मुख्यालय में हुई संयुक्त आपात बैठक में लिया गया।
टीएम-कसोम गांव में हुई घटना की निंदा
naga nagarikon : बैठक में ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन मणिपुर (एएनएसएएम), नागा वीमेंस यूनियन (एनडब्ल्यूयू) और विभिन्न जिलों के शीर्ष नागा संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक टीएम-कसोम गांव में हुई घटना की निंदा करने के लिए बुलाई गई थी।
उखरुल जिले के रहने वाले दो नागा नागरिक मार डाला
naga nagarikon : उखरुल जिले के रहने वाले दो नागा नागरिक, चाइनाओशांग शोकवुंगनाओ (45 वर्ष) और यारूइंगम वाशुम (42 वर्ष), को कथित तौर पर नेशनल हाईवे 202 पर यात्रा के दौरान कुकी उग्रवादियों ने रोककर मार डाला था। यूएनसी और संबंधित संगठनों ने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए।
आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी संस्थान 72 घंटे के लिए बंद
naga nagarikon : आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी और निजी संस्थान, दुकानें और वाहनों की आवाजाही 72 घंटे के लिए पूरी तरह बंद रहेगी। शोक की इस अवधि में कुकी समुदाय के साथ सभी सामाजिक और आर्थिक संबंध निलंबित रखे जाएंगे। 23 अप्रैल को शाम 6:30 बजे सभी नागा जिला मुख्यालयों और इंफाल में सामूहिक शोकसभा आयोजित की जाएगी।
राज्य सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग
naga nagarikon : यूएनसी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के उखरुल दौरे के ठीक एक दिन बाद यह घटना हुई है। काउंसिल ने सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक के लिए राज्य सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की। यूएनसी के नेताओं ने कहा कि नागा समुदाय की गरिमा और क्षेत्रीय अखंडता पर यह हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
नागा नागरिकों और संगठनों से अपील
naga nagarikon : उन्होंने सभी नागा नागरिकों और संगठनों से अपील की है कि वे बंद और शोक कार्यक्रमों में पूर्ण सहयोग दें। बैठक का समापन सीएनपीओ के अध्यक्ष थामडोक फ्रांसिस के नेतृत्व में एक मिनट के मौन के साथ हुआ। यह घटना मणिपुर में जारी जातीय तनाव को एक बार फिर उजागर करती है।
naga nagarikon : नागा समुदाय में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है
नागा संगठनों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से नागा समुदाय में गुस्सा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। यूएनसी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही तो आगे और कड़े आंदोलन किए जाएंगे। –आईएएनएस एससीएच
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(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)















