वैश्विक अस्थिरता के बीच भी मजबूत रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, जीडीपी ग्रोथ वित्त वर्ष 27 में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान

indias gdp growth
indias gdp growth

 नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। indias gdp growth : वैश्विक अस्थिरता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी रहेगी और वित्त वर्ष 27 में जीडीपी ग्रोथ 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह जानकारी सोमवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत

indias gdp growth :  केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट में बताया गया कि पश्चिम एशिया में तनाव से कुछ चुनौतियां पैदा हो सकती हैं, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था का आधार लगातार मजबूत है और ग्रोथ को सपोर्ट कर रहा है। विश्लेषण में कहा गया कि पश्चिम एशिया संघर्ष का भारत पर प्रभाव मुख्य रूप से कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के रूप में महसूस किया जाएगा, जो मुद्रास्फीति, राजकोषीय संतुलन और बाह्य खातों को प्रभावित करता है।

चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर नियंत्रण में रह सकती है

indias gdp growth : बेस केस सिनेरियो में लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल की औसत कच्चे तेल की कीमतों को मानते हुए, विकास दर पहले के 7.2 प्रतिशत के अनुमानों से थोड़ी कम हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर नियंत्रण में रह सकती है और खुदरा महंगाई दर 4.5 प्रतिशत से 4.7 प्रतिशत के बीच में रहने की उम्मीद है।

वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों का प्रभाव सीमित

indias gdp growth : रिपोर्ट के मुताबिक, केयरएज यह मानकर चला जा रहा है कि सरकार वैश्विक तेल की बढ़ती कीमतों का घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला प्रभाव सीमित रखेगी। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि से समय के साथ महंगाई का दबाव कुछ हद तक बढ़ सकता है।

राजस्व में कमी के कारण वित्तीय बोझ में मामूली वृद्धि

indias gdp growth : राजकोषीय मोर्चे पर, पेट्रोलियम उत्पादों पर संभावित उत्पाद शुल्क कटौती, अधिक सब्सिडी आवश्यकताओं और कर राजस्व में मामूली कमी के कारण सरकार को वित्तीय बोझ में मामूली वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रभाव का अनुमान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 0.5 प्रतिशत के आसपास है, जो भारत के सार्वजनिक वित्त के व्यापक संदर्भ में प्रबंधनीय है।

महंगाई और राजकोषीय गतिशीलता बॉन्ड यील्ड में मामूली वृद्धि

indias gdp growth : महंगाई और राजकोषीय गतिशीलता के कारण सरकारी बॉन्ड यील्ड में भी मामूली वृद्धि होने की उम्मीद है। बेस केस सिनेरियो में, वित्त वर्ष 2027 में सरकारी प्रतिभूतियों पर यील्ड औसतन 6.8 प्रतिशत और 6.9 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।

indias gdp growth : तेल आयात बिलों में वृद्धि

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तेल आयात बिलों में वृद्धि, निर्यात और प्रेषण पर कुछ दबाव के साथ, चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के लगभग 2.1 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रुपया प्रति डॉलर औसतन 92 और 93 के बीच रहने का अनुमान है। –आईएएनएस एबीएस/


Read Moreट्रंप की धमकी से होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा संकट, तेल कीमतों में आया उछाल


#छत्तीसगढ, #मध्यप्रदेश #महाराष्ट्र, #उत्तर प्रदेश, #बिहार 

(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)