रायपुर 25 जनवरी ; साहित्य/संपादकीय । Vijay Mishra Equality Constitution : प्रदीप भोले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए थे। समारोह में उपस्थित जनों को संबोधित करने के लिए उन्होंने भाषण का प्रारूप भी तैयार किया था। जिसमें संविधान में उल्लेखित “सर्व धर्म समभाव” को ही उन्होंने केंद्रबिंदु बनाया था। एक दिन पहले ही भाषण का दो चार बार वाचन करके वे पुख्ता तैयारी कर लिए थे।
गणतंत्र दिवस की सुबह समारोह
Vijay Mishra Equality Constitution : गणतंत्र दिवस की सुबह समारोह में जाने के लिए प्रदीप भोले जब तैयार हो रहे थे तभी उनके ड्राइवर का फोन आया- सर जी, मेरा स्वास्थ्य अचानक खराब हो गया है अतः मेरी जगह ड्राइवर जगत राम आ रहा है।
जगत राम तो दलित वर्ग से आता
Vijay Mishra Equality Constitution : इतना सुनते ही प्रदीप भोले झल्ला उठे- जगत राम तो दलित वर्ग से आता है ना? तुम्हें मालूम तो है न इस वर्ग से मैं दूर रहता हूं। किसी और को भेजो। कहते हुए उन्होंने फोन काट दिया।
संविधान सर्वधर्म – जाति समभाव- सम्मान
Vijay Mishra Equality Constitution : प्रदीप भोले की बातें सुनकर पास बैठी हुई उनकी चौदह वर्षीय बिटिया सोनिया बोल पड़ी- पापा जी, आप तो मुझे बता रहे थे ना कि हमारा संविधान सर्वधर्म – जाति समभाव- सम्मान की पाठ पढ़ाता है, फिर आप ऐसा भेदभाव क्यों कर रहे हैं?
सोनिया बिटिया का यह सवाल प्रदीप भोले को झन्नाटेदार तमाचे की तरह लगा। उन्हें अपनी भूल का तत्काल अहसास हो गया। एक पल गंवाए बिना उन्होंने ड्राइवर को फोन लगा कर कहा- जगत राम जी को ही भेजना। अब से मेरी गाड़ी वही चलाएंगे।
Vijay Mishra Equality Constitution : जगत राम जी के साथ ही समारोह स्थल के लिए रवाना
यह सुनकर बिटिया सोनिया चहक उठी। वह बोली- ‘हैप्पी रिपब्लिक डे पापा जी’। प्रत्युत्तर में प्रदीप जी ने अपनी बिटिया को ‘सॉरी’ कहने के उपरांत ‘थैंक यू ,सेम टू यू ” कहा। फिर खिलखिलाते हुए जगत राम जी के साथ ही समारोह स्थल के लिए रवाना हो गए।
विजय मिश्रा ‘अमित’ अग्रोहा कॉलोनी रायपुर (छग) 492013














