ट्विशा शर्मा केस में बड़ा अपडेट, समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर भोपाल रवाना हुई पुलिस

Tavisha Sharma Case
Jabalpur: Samarth Singh, the main accused and husband of Twisha Sharma in the alleged dowry death case, arrives to surrender before a court in Jabalpur, Madhya Pradesh, on Friday, May 22, 2026. Singh had been absconding for nearly 10 days following Twisha Sharma’s death at her matrimonial home in Bhopal. (IANS/Video Grab)

भोपाल, 22 मई 2026 । Tavisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह जबलपुर जिला अदालत पहुंचा।

Table of Contents

Tavisha Sharma Case: काफी दिनों से फरार समर्थ के अचानक सामने आने के बाद पूरे मामले में हलचल तेज

इसके बाद भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया और भोपाल रवाना हो गई। इस बात की पुष्टि जबलपुर एसपी ने की है। काफी दिनों से फरार चल रहे समर्थ सिंह के अचानक सामने आने के बाद पूरे मामले में हलचल तेज हो गई है।

माना जा रहा है कि अब इस केस की जांच और तेजी से आगे बढ़ेगी। समर्थ सिंह के वकील के मुताबिक, उन्होंने पहले अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ली और उसके बाद अदालत में आत्मसमर्पण करने का फैसला किया।

Tavisha Sharma Case: अदालत परिसर में समर्थ सिंह अपनी पहचान छुपाने की कोशिश करता नजर आया। उन्होंने चश्मा, मास्क और टोपी पहन रखी थी।

ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए

Tavisha Sharma Case:  पत्रकारों ने जब उनसे ट्विशा शर्मा की मौत, दहेज प्रताड़ना और उन पर लगे आरोपों को लेकर सवाल पूछे, तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया और पूरी तरह चुप्पी साधे रखी। इधर, ट्विशा शर्मा के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह कोर्ट नंबर 32 के अंदर बैठे हुए थे, जो जिला एवं सत्र न्यायाधीश का कोर्ट रूम है और उसके दरवाजे बंद थे। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस अधिकार के तहत उन्हें वहां बैठने की अनुमति दी गई।

एसआईटी और लोकल पुलिस से मांग करता हूं कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए: अनुराग श्रीवास्तव

Tavisha Sharma Case: अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, “इससे साफ समझ आता है कि ज्यूडिशियरी उनके सपोर्ट में कितनी ज्यादा है। मैं एसआईटी और लोकल पुलिस से मांग करता हूं कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।

वे यहां सरेंडर करने आए थे, लेकिन जिला जज के चैंबर में दरवाजा बंद कर बैठे थे। जब दरवाजा खुलवाया गया तो वहां से निकलकर बार एसोसिएशन के चैंबर में चले गए।” –आईएएनएस वीकेयू/एबीएम

Read More : प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी को भेंट की ‘मेलोडी’

#छत्तीसगढ, #मध्यप्रदेश #महाराष्ट्र, #उत्तर प्रदेश, #बिहार 

(यह खबर आईएएनएस समाचार एजेंसी के जरिए ली गई है। हिंद मित्र इसकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं है।)