नई दिल्ली; 5 जनवरी । Supreme Court umar sharjeel : सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली दंगों को लेकर सुनवाई हुई । अदालत ने शरजील इमाम और उमर खालिद को कोई राहत नहीं दी और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट ने 5 आरोपियों को 12 शर्तों के साथ जमानत दी
Supreme Court umar sharjeel : वहीं, इस मामले के कोर्ट ने दंगों के 5 आरोपियों को 12 शर्तों के साथ जमानत दी गई है। दिल्ली दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुल सात आरोपियों गुलफिशा फातिमा, शरजील इमाम, मीरान हैदर, उमर खालिद, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद शकील खान और शादाब अहमद ने जमानत की मांग की थी। इनमें से पांच आरोपियों को जमानत मिली, जबकि दो को जमानत नहीं दी गई। दिल्ली में दंगे भड़काने में उमर खालिद और शरजील इमाम का हाथ सामने आया है।
2 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व छात्र नेताओं की जमानत खारिज कर दी थी, जिसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 10 दिसंबर 2025 को मामले पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
Supreme Court umar sharjeel : खालिद और इमाम की जमानत याचिकाएं खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस बात से संतुष्ट है कि अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त सबूत पेश किए हैं जो आपराधिक साजिश में दोनों की संलिप्तता को दर्शाते हैं।
Supreme Court umar sharjeel : जमानत याचिकाओं पर समानता लागू नहीं हो सकती
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, सभी आरोपियों को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता है। उमर खालिद और शरजील इमाम की तुलना में अन्य आरोपियों के दोष अलग हैं। ऐसे में कोर्ट को हर जमानत याचिका को अलग-अलग देखना होगा। सभी जमानत याचिकाओं पर समानता लागू नहीं हो सकती है।
Supreme Court umar sharjeel : उमर खालिद और शरजील इमाम पर लगे आरोप काफी हद तक सही साबित
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 का जिक्र करते हुए कहा, “अनुच्छेद 21 के तहत मुकदमे से पहले किसी को लंबे समय तक हिरासत में रखने के लिए राज्य को कड़े सबूत देने पड़ते हैं। उमर खालिद और शरजील इमाम पर लगे आरोप काफी हद तक सही साबित हो रहे हैं। ऐसे में कानूनी कार्रवाई के इस पड़ाव पर आकर उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती है।”

Supreme Court umar sharjeel : 2020 के दिल्ली दंगे
बता दें कि 24 फरवरी 2020 को दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान उमर खालिद और शरजील इमाम समेत कई लोगों पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है, जिससे राजधानी में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई और 53 लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा में 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
Supreme Court umar sharjeel : जांच रिपोर्ट में दावा
जांचकर्ताओं ने अदालत को बताया कि यह साजिश कथित तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भारत की आधिकारिक यात्रा के दौरान रची गई थी, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित करना और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाना था। जांच रिपोर्ट के अनुसार, CAA के मुद्दे को “शांतिपूर्ण विरोध” के नाम पर “कट्टरपंथी भावना भड़काने” के लिए चुना गया था।
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